-शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कराए गए सर्वे में हुआ खुलासा

-बीआरसी पर लगेगी क्लास, प्रति स्कूल के दो शिक्षकों होंगे टे्रंड

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2100-प्राथमिक विद्यालय

1.5-लाख स्टूडेंट्स हैं प्राथमिक विद्यालयों में

2-दिन (डीआरटी)डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स टीम को कराई गई है ट्रेनिंग

16-ब्लॉक हैं डिस्ट्रिक्ट में

1-स्कूल से दो टीचर्स किए जाएंगे ट्रेंड

11-अक्टूबर को पूरी हुई ब्लॉक टीम की ट्रेनिंग

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BAREILLY :

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के तमाम प्रयास के बावजूद प्राइमरी स्कूलों के बच्चे हिन्दी और गणित में बेहद कमजोर हैं. इसका खुलासा विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में हुआ है. अब शासन के निर्देश पर इस कमी को दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. इसके तहत कुछ एबीएसए समेत विभाग की 11 सदस्यीय टीम को लखनऊ में ट्रेनिंग कराई गई और अब स्कूलों में तैनात टीचर्स को पढ़ाई के आधुनिक तरीके सिखाए जाएंगे, जिससे हिन्दी और गणित को रोचक तरीके से बच्चों को समझाया जा सके.

लखनऊ में हुई ट्रेनिंग

बेसिक स्कूल्स के बच्चों का शिक्षा का स्तर सुधर सके इसके लिए शासन से लगातार प्रयास किया जा रहा है. विभाग ने बरेली डिस्ट्रिक्ट से बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े 11 लोगों की टीम को लखनऊ बुलाकर ट्रेनिंग दी. ताकि वह बरेली में ब्लॉक स्तर की टीम को ट्रेनिंग दे सकें. लखनऊ से टीम आने के बाद डीआरटी ने 10 और 11 अक्टूबर को बरेली में प्रत्येक ब्लॉक की टीम को ट्रेनिंग भी पूरी करा दी है. अब ये टीमें प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर प्राइमरी स्कूल्स में पढ़ाने वाले गुरूजी को ट्रेनिंग कराएंगे.

हिन्दी भी नहीं पढ़ सके बच्चे

विभाग ने बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए एक टीम से सर्वे कराया था. सर्वे के अनुसार कक्षा तीन से पांच तक के बच्चे मैथ्स और हिन्दी में बेहद कमजोर मिले. ज्यादातर बच्चे ऐसे मिले जो हिन्दी की बुक ठीक से पढ़ भी नहीं सके वहीं मैथ में बच्चों को जोड़ और घटाना की तो जानकारी थी, लेकिन गुणा और भाग के सवाल बच्चे हल नहीं कर सके. सर्वे की रिपोर्ट के बाद शासन ने 'पढ़े भारत बढ़े भारत' शिक्षा अभियान के तहत टीचर्स की ट्र्रेनिंग कराने का निर्णय लिया. ताकि बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिल सके.

डिस्ट्रिक्ट में 16 टीम कराएंगी ट्रेनिंग

डीआरटी ने ब्लॉक स्तर से एक टीम में सात सदस्यों को ट्रेनिंग पूरी करा दी है. जिसमें एक ब्लॉक स्तर से 2 एनपीआरसी, 2 एबीआरसी, 1 डीओ और ब्लॉक स्तर से 2 अच्छे टीचर को ट्रेनिंग कराएंगे. यह टीम एबीआसी पर प्रत्येक स्कूल के दो टीचर्स को हिन्दी और मैथ पढ़ाने की ट्रेनिंग कराएंगे.