- तैनाती के मामले में डीएम करेंगे अंतिम फैसला

BAREILLY:

पिछले कई दिनों से स्कूल ज्वाइन नहीं करने वाली महिला टीचर्स की सुरक्षा की बात आई तो अफसर एक्टिव मोड में आ गए. वेडनसडे को करीब 100 महिला टीचर्स ने बीएसए का घेराव किया. उन्होंने स्कूल जाने पर सुरक्षा को खतरा होने की बात कही. कुछ टीचर्स ने बीएसए से बताया कि स्कूल जाते समय लड़के ईवटीजिंग करते है. कुछ टीचर प्रेग्नेंट हैं, जिन्हे दूर तक चलना मना है. सुनसान रास्ते पर महिला टीचर्स को अकेले जाना पड़ता है जिससे खतरा रहता है. जिसके बाद बीएसए ने सभी टीचर्स की बात सुनी और इस पर विचार करने की बात कही. हांलाकि तैनाती के मामले में अंतिम फैसला डीएम को ही लेना है. उन महिलाओं में कुछ प्रेग्नेंट महिला भी शाि1मल है.

दूर टीचर्स को करो तैनात

उनका कहना था कि उन्हे ऐसे स्कूलों में तैनात कर दिया है जहां कई किलोमीटर सुनसान रास्तों पर पैदल चलना पड़ रहा है. विद्यालयों तक पहुंचने में जान माल का खतरा है. साथ ही उनका कहना है कि जो टीचर्स प्रेग्नेंट है वह इतनी दूर नहीं जा सकती. किसी भी वक्त उनकी तबियत खराव हो सकती है. ऐसे में उन्हे पास के ही स्कूल दिया जाए. उनका कहना है कि दूर के स्कूलों में मेल टीचर्स को तैनात किया जाए.

शहर से सटे स्कूल में टीचर्स की कमी

टीचर्स का कहना है कि क्यारा, भोजीपुरा, बिथरी चैनपुर व फतेहगंज पश्चिमी के ब्लॉकों के अधिकांश स्कूलों में करीब 200 से ज्यादा पद खाली है. लेकिन बीएसए यहां तैनाती नहीं दे रही हैं. आरोप है कि इन स्कूलों में पोस्टिंग के नाम पर शुरू से ही मनमाना खेल चलता रहा है. इसलिए टीचर्स की पोस्टिंग का पटल पाने के लिए अधिकांश बाबू उत्सुक रहते हैं. शिकायतें हुई है कि इनमें पोस्टिंग के नाम पर एक लाख रुपए तक चलता है.

ये है मामला

जब बीएसए ने टीचर्स को तीन दिन में ज्वाइन नहीं करने पर कार्रवाई के आदेश दिए तो अंतर जनपदीय ट्रांसफर होकर आए करीब 416 अंतर जनपदीय टीचर्स में से करीब 200 टीचर्स ने झट से ज्वाइन कर लिया. लेकिन फिर भी करीब 100 टीचर्स ने वेडनसडे को बीएसए का घेराव किया.