-इंटरनेशनल साइंस लिटरेचर एवं फिल्म फेस्टिवल का समापन

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LUCKNOW :

साइंस फिल्में, एनीमेशन और साइंस पर आधारित कविताएं लोगों को विज्ञान से जोड़ने का बेहतर माध्यम हैं. फिल्मों और सोशल मीडिया के जरिए हम कम खर्च में फिल्मों को आम लोगों तक पहुंचा सकते हैं. विज्ञान को सभी लोगों तक पहुंचाने के लिए हमें और प्रयास करने चाहिए. इंडियन इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ 2018) के तहत आयोजित साइंस लिटरेचर एवं फिल्म फेस्टिवल के समापन अवसर पर साइंस मिनिस्टर डॉ. हर्षवर्धन ने यह बात कही.

53 से ज्यादा फिल्मों की स्क्रीनिंग

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अभी मौजूद साइंस की अधिकतर जानकारियां अंग्रेजी में हैं. इसे क्षेत्रीय भाषा में करने की जरूरत है. पटना यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी प्रो. शंभूनाथ सिंह ने कहा कि इस आयोजन में हर भाषा की फिल्में हैं. इस दौरान डॉ. एसएस भदौरिया, वैज्ञानिक हसन जावेद खान, डॉ. संदीप सरीन, डॉ. ज्योति मलिक आदि ने भी अपनी बात रखी. फिल्म फेस्टिवल के दौरान 53 नेशनल और इंटरनेशनल फिल्में दिखाई गई. फेस्टिवल में स्वीडन,डेनमार्क, नीदरलैंड, ब्रिटेन आदि देशों की करीब 19 फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया.

बेहतरीन फिल्मों को मिले पुरस्कार

इस दौरान इंस्पायड इंडिया कैटेगरी में औरंगाबाद के अनीला और प्रिया द्वारा निर्देशित पहला पुरस्कार इवरीवन इन यूनिक फिल्म को 50 हजार रुपए पुरस्कार के साथ दिया गया. दूसरा फिल्म रुची, और तीसरा वी डोंट स्टार द फायर को दिया गया. कॉलेज स्टूडेंट कैटेगरी में फिल्म संपूर्णा 2 को पहला पुरस्कार मिला. दूसरा पुरस्कार फोरेस्टिक सस्टैंबल ग्रीन व तीसरा ग्रीन सोल को मिला. इनोवेटिव कैटेगरी में पहला पुरस्कार स्टेपवेल को, दूसरा इन मेमोरी आफ दि मास्टर और तीसरा फिल्म प्रतिक्रिया को मिला. ज्यूरी अवार्ड ग्रैंडमास होम रेमेजडाइज और फिल्म अन्नदाता को मिला. जबकि साइंटून प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार वैभव शर्मा, दूसरा रुद्रांश कपूर और तीसरा डॉ. शिल्पी वर्मा को दिया गया. सांत्वना पुरस्कार शिव प्रकाश मिश्रा, वरुशाली सरवन, आकाश राजपूत, अमित कुमार मिश्रा, अमुजुरी विश्वनाथ, वृति गुप्ता, प्रियवंदा नायर को दिया गया.

कार्टून से बताई न्यूक्लियर एनर्जी की बात

न्यूक्लियर पॉवर कारपोरेशन ऑफ इंडिया मुंबई के वरिष्ठ प्रबंधक अमृतेश श्रीवास्तव अपनी फिल्मों, कार्टून और एनिमेशन से लोगों को जागरुक कर रहे हैं. इसके लिए उन्हें कई नेशनल और इंटरनेशनल अवार्ड भी मिले हैं. सोमवार को साइंस में कार्टून एंड एनिमेशन की भूमिका पर आधारित सेशन में उन्होंने अपनी इनोवेटिव एंड क्रिएटिव फिल्में प्रदर्शित की. कार्टून में कई जिंगल्स से लोगों को बताया कि न्यूक्लियर पॉवर हानिकारक नहीं है. कविता से उन्होंने बताया कि मछली परमाणु बिजलीघरों में खुशी-खुशी रहती है. वहां वातावरण हरित और क्लीन ग्रीन रहता है.