- बुलंदशहर हिंसा के बाद प्रशासन की सतर्कता ने हालात बेकाबू होने से बचाया

प्रशासन ने उठाए कदम

- 05 माह से जिला प्रशासन गोकशी के आरोपियों पर कर रहा था कार्रवाई

- 08 आरोपियों पर हो चुकी है एनएसए की कार्यवाही

- 41 गैंगस्टर की धारा में बुक किये गए गोकशी के आरोपी

- 23 शातिर आरोपियों को जिला बदर किया गया

<- बुलंदशहर हिंसा के बाद प्रशासन की सतर्कता ने हालात बेकाबू होने से बचाया

प्रशासन ने उठाए कदम

- 0भ् माह से जिला प्रशासन गोकशी के आरोपियों पर कर रहा था कार्रवाई

- 08 आरोपियों पर हो चुकी है एनएसए की कार्यवाही

- ब्क् गैंगस्टर की धारा में बुक किये गए गोकशी के आरोपी

- ख्फ् शातिर आरोपियों को जिला बदर किया गया

lucknow@inext.co.in

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LUCKNOW: बुलंदशहर में हुए बवाल और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक युवक सुमित सिंह की हत्या महज एक घटना नहीं थी. सूत्रों से मिल रही खबरों के अनुसार इसके पीछे एक गहरी साजिश थी. साजिश भी ऐसे समय जब इज्तिमा को लेकर लाखों मुसलमान इलाके में मौजूद थे. शुक्र रहा कि समय रहते जिला प्रशासन और पुलिस ने संयम और ताबड़तोड़ एक्शन से किसी तरह मामले को संभाला, वरना से कहना गलत नहीं होता कि अराजक तत्वों ने बुलंदशहर में 'मुजफ्फरनगर पार्ट-ख्' की पूरी पटकथा तैयार कर रखी थी. बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई है. फिलहाल एसआईटी की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं, उम्मीद है जांच रिपोर्ट आने के बाद 'मुजफ्फरनगर पार्ट-ख् की स्क्रिप्ट लिखने वालों के चेहरे से नकाब हटेगा.

कुछ यूं फैली थी आग

सूत्रों की मानें तो स्याना में गोकशी की घटना की खबर बुलंदशहर जिला प्रशासन को सोमवार सुबह क्0 बजे मिल गई थी. उस वक्त डीएम अनुज झा व एसएसपी केबी सिंह दरियापुर में मुस्लिम समुदाय के इज्तिमा के आयोजन को संभालने के लिए मौजूद थे. शुरुआती बवाल की सूचना पर प्रशासन ने फौरन एसडीएम व नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा. एसडीएम व नायब तहसीलदार पहुंचे तो कथित तौर पर जंगल में फेंके गए गो अवशेष को कुछ ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में भर चुके थे. दोनों अधिकारियों ने किसी तरह से मान-मनौव्वल कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की. पर, वे लोग नहीं रुके और ट्रैक्टर-ट्रॉली को हाइवे पर ले जाकर खड़ा कर दिया. इसी बीच वहां पर अन्य प्रदर्शनकारी भी आ पहुंचे और रोड को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया.

एफआईआर दर्ज फिर भी जारी रहा प्रदर्शन

इधर, हंगामे की खबर मिलने पर सीओ सिकंदरा भी करीब दो दर्जन पीएसी जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए. इस दौरान वहां प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे गौरव राज ने साफ कह दिया कि जब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, वे लोग नहीं हटेंगे. इसके बाद सीओ ने एफआईआर दर्ज करने व दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद गौरव राज को पुलिस की जीप से स्याना कोतवाली भेज दिया गया. जहां उसकी तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ गोकशी की एफआईआर दर्ज कर ली गई. एफआईआर के बाद सीओ ने गौरव राज से कथित गो अवशेष लदी ट्रैक्टर ट्रॉली को हाइवे से हटवाने को कहा. पर, वह लगातार टालमटोल करता रहा. इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर को ट्रॉली से अलग कर वहां से रवाना कर दिया और वे हाइवे पर ट्रॉली के इर्द-गिर्द प्रदर्शन करते रहे.

वहीं से गुजरनी थी हजारों की भीड़

पश्चिमी यूपी के तमाम जिलों में जाने वाले इज्तिमा से लौट रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी उसी हाइवे से गुजरना था. हालात न बिगड़ने पाये, इसे देखते हुए पीएसी के जवानों ने खुद ही हाइवे से ट्रॉली हटाने की कोशिश की. पर, इसी बीच प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया. देखते ही देखते हालात बेकाबू होने लगे. इसी बीच इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को भीड़ ने हमला बोलकर जान ले ली और पुलिस चौकी पर भी हमला बोल दिया. उधर, सुमित कुमार सिंह भी अज्ञात शख्स की गोली लगने से मारा गया. डीएम व एसएसपी आनन-फानन मौके पर पहुंचे. हालात को बेकाबू होने से रोकने के लिये आसपास के जिलों में मौजूद रैपिड एक्शन फोर्स, पीएसी व लोकल फोर्स मंगा ली गई और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया. अच्छी बात ये रही कि अपने सहकर्मी की जान जाने के बाद भी पुलिस ने आपा नहीं खोया. इसी बवाल के बीच पुलिस-प्रशासन की टीम ने इज्तिमा में उमड़ी भीड़ को भी वहां से निकलवाया.

बॉक्स.........

गोकशी के आरोपियों पर रिकॉर्ड कार्रवाई

गोकशी को लेकर बदनाम बुलंदशहर में बीते पांच महीने में जिला प्रशासन व पुलिस ने मिलकर रिकॉर्ड कार्रवाई की है. आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि इस मियाद में गोकशी के आठ आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई. इतना ही नहीं, ब्क् आरोपियों को गैंगस्टर में बुक किया गया. ख्फ् शातिर आरोपियों को जिला बदर किया गया. किसी एक अपराध के लिये इतनी बड़ी कार्रवाई साफ बतलाती है कि प्रशासन की ओर से ऐसी किसी घटना को रोकने के लिये भरपूर तैयारी की गई थी. पर,्र बावजूद इसके शरारती तत्व उपद्रव करने में जरूर कामयाब हो गए.

वर्जन--------

हमारी प्राथमिकता है कि जिले का माहौल शांत रहे. छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है और पुलिस व प्रशासन की ओर से बेहद सतर्कता बरती जा रही है. पुलिस के साथ ही रेवेन्यू स्टाफ को भी फील्ड में एक्टिव किया गया है, ताकि चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके.

- अनुज कुमार झा, डीएम, बुलंदशहर