जून 2011 से शुरू हुई थी कंप्‍लेन सर्विस
नई दिल्‍ली (प्रेट्र)।
लिस्‍टेड कंपनियों और पंजीकृत मध्‍यवर्ती संस्‍थाओं के खिलाफ किसी गड़बड़ी की शिकायत के लिए एक वेब आधारित कंप्‍लेन सेवा जून 2011 में सेबी कंप्‍लेन रिड्रेस सिस्‍टम (स्‍कोर) शुरू किया गया था। इसमें शिकायतों के निपटारे में बहुत समय लग जाता था। कंपनियों की ओर से भी सेबी को सलाह थी कि निवेशक यदि कंपनियों को सीधे अपनी शिकायत बताएंगे तो गड़बड़ी जल्‍दी ठीक की जा सकती है। सेबी ने इस बाबत एक सर्कुलर जारी किया और कहा कि निवेश पहले कंपनियों को ही सीधे शिकायत करें। शिकायत में वे अपनी समस्‍याओं की डिटेल में जानकारी उपलब्‍ध कराएं ताकि उनका जल्‍दी निपटारा होने में आसानी हो।

कंपनी न सुने तो सेबी स्‍कोर पर जाएं
यदि लिस्‍टेड कंपनी या पंजीकृत मध्‍यवर्ती संस्‍थान गड़बड़ी पर ध्‍यान न दें या उनके रिस्‍पांस से संतुष्‍ट न हो तो निवेशक सेबी के स्‍कोर पर उनकी कंप्‍लेन फाइल कर सकता है। सर्कुलर के मुताबिक 1 अगस्‍त से जो भी निवेशक स्‍कोर के जरिए कंप्‍लेन करना चाहता है तो उसे वेबसाइट पर अपने नाम, पैन और कांटेक्‍ट डिटेल के साथ कंप्‍लेन फार्म भरना होगा। निवेशक को लॉगइन बनाना होगा। सेबी ने कहा कि शिकायतकर्ता चाहे तो स्‍कोर के जरिए ही कंपनी को डायरेक्‍ट शिकायत भेज सकेगा। नहीं तो शिकायत सबमिट करते ही संबंधित कंपनी को फारवर्ड हो जाएगी। 30 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सेबी स्‍कोर उस शिकायत को खुद रजिस्‍टर करके संज्ञान ले लेगा।

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