जारी है भूकंप का सिलसिला
जापान में एक के बाद एक लगातार तीन दिन तीन बड़े भूकंप आए। शनिवार को लगातार तीसरे दिन जापान के दक्षिणी इलाके में 7.3 स्‍केल का भूकंप आया। वहीं शुक्रवार को देर रात दक्षिणी जापान के कुमामोटो शहर के करीब आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 रही। इससे पहले, रिक्टर स्केल 7.4 का भूकंप बताया गया था। इसके बाद जापान ने सुनामी का अलर्ट जारी किया जिसे फिर वापस ले लिया गया। जियोलाजिकल सर्वे ऑफ अमेरिका के अनुसार भूकंप का केंद्र कुमामोटो शहर की सतह से 40 किलोमीटर नीचे है।

फिल्‍हाल सूनामी का खतरा नहीं
हालांकि जापान के मौसम विभाग ने भूकंप के तीव्र झटकों से अरियेक सागर और यातुसुशीरो सागर में सुनामी की आशंका जताई थी। सुनामी की एडवाइजरी के तहत समुद्री जल के खतरे को देखते हुए अरियेक और यातुसुशीरो सागर के तटवर्ती इलाके जल्द से जल्द छोड़ने को कहा गया। स्थानीय प्रसारणकर्ता एनएचके ने कहा कि एडवाइजरी के मुताबिक भूकंप के कारण समुद्र की लहरें एक मीटर (करीब 3.5 फीट) की ऊंचाई तक उठ सकती हैं। लेकिन बाद में अलर्ट वापस ले लिया गया। भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक अब अगले एक सप्ताह तक भूकंप के तीव्र झटकों की आशंका रहेगी।

अस्‍त व्‍यस्‍त है पूरा देश
भूकंप से बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। 130 से ज्यादा झटकों के बाद ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों ने फैक्टि्रयों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। गुरुवार रात को जापान के चार बड़े द्वीपों में से एक क्यूशु के कुमामोटो शहर के आसपास के क्षेत्रों में रिक्टर स्केल पर 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे दर्जनों घर मलबे में तब्दील हो गए। 400 साल पुराने कुमामोटो कैसल को नुकसान पहुंचा है। एक ट्रेन पटरी से उतरने के कारण क्यूशु में शिंकंसन सुपरफास्ट ट्रेन सेवा को रोका गया। हाईवे पर भी कई जगह दरारें आई हैं। परमाणु नियामक प्राधिकरण ने क्यूशु और शिकोकू स्थित संयंत्रों को सुरक्षित बताया है। उधर प्रधानमंत्री शिंजो एबी ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से सरकार पूरी साम‌र्थ्य के साथ निपट रही है। इससे पहले 11 मार्च, 2011 को रिक्टर पैमाने पर 9 तीव्रता वाले भूकंप से जापान में भारी तबाही हुई थी।

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