पार्किंग तक कोई देखता भी नहीं
सोर्सेज की मानें, तो कैंपस में भी गाडिय़ों की चेकिंग की कोई खास अरेंजमेंट नहीं है. टू व्हीलर या फोर व्हीलर पर कोई भी आसानी से जा सकता है. मेन गेट से लेकर अंदर पार्किंग एरिया तक इसकी जांच नहीं होती है. सीआईएसएफ के ऑफिसर्स सिर्फ अंदर जाने-वालों की ही चेकिंग करते हैं. इसके अलावा कहीं भी कभी भी चेकिंग नहीं होती. चेकिंग प्वाइंट पर भी कोई खास अरेंजमेंट नहीं है. अंदर भी सामानों की चेकिंग में कभी-कभी सीरियसनेस नहीं दिखाई जाती.

एयरपोर्ट पर कोई चेक-वेक नहीं करेगा
रिपब्लिक डे को लेकर एयरपोर्ट के अंदर आने वालों पर रोक लगा दी गयी है. सिक्योरिटी के मसले पर सेंसटिव जोन माने जाने वाले पटना एयरपोर्ट को 24 घंटे टाइट सिक्योरिटी की व्यवस्था रहती है. हमेशा हाई अलर्ट कंडीशन बना रहता है, पर इन चीजों से दूर पटना एयरपोर्ट में ना तो हाई अलर्ट दिखता है और ना ही किसी तरह की सिक्योरिटी का पुख्ता इंतजाम. सीआईएसएफ गेट पर तो दिखते हैं, पर चेकिंग करते शायद ही कोई देखा होगा. मेन गेट छोड़ दें, तो और कहीं भी जांच नहीं हो पाती है. मेन गेट पर भी सिर्फ टिकट की जांच की जाती है. डेंजरस जोन होने के बाद भी आने-जाने वालों पर कोई खास नजर नहीं रखी जाती है, नतीजतन कोई भी हादसा हो सकता है.

आसानी से आ-जा सकते हैं अंदर
एयरपोर्ट कंपाउंड में डेली सुबह 7 से रात के 10 बजे तक लोगों की आवाजाही लगी रहती है. एयरपोर्ट जाने में दो मेन गेट आते हैं. जब मेन रोड से एयरपोर्ट परिसर में लोग एंट्री करते हैं, वहां कभी भी सिक्योरिटी गार्ड नहीं रहता है. गाड़ी जब अंदर लगभग आधा किलोमीटर चली जाती है और एयरपोर्ट जाने के लिए रास्ता मुड़ती है, वहां सड़क पर दो या तीन बैरियर रखे हुए हैं, जिससे गाडिय़ों की स्पीड कम हो जाती है. यहां सड़क किनारे पर सिक्योरिटी गार्ड तो हैं, पर वे न तो गाड़ी चेक करते हैं और न ही सामान ही देखते हैं.यही नहीं, पहले भी कई दफा रनवे पर जानवर से लेकर लोगों के जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. बावजूद इसके बाउंड्रीवाल पर सिक्योरिटी को लेकर कोई अरेंजमेंट नहीं है. एयरपोर्ट गोलंबर से आगे निकलते ही एयरपोर्ट की बाउंड्री पर इस तरह कूदते-चढ़ते लोग आपको हर रोज दिख जाएंगे. कुछ ऐसा ही हाल फुलवारीशरीफ की ओर की बाउंड्री की भी है.

पार्किंग में बस पार्किंग चार्ज
पार्किंग की ओर मुडऩे के बाद भी गाडिय़ों की कोई चेकिंग नहीं होती है. जब गाड़ी पार्किंग में लग जाती है तो गार्ड आकर एक गाड़ी में स्लिप लगा देता है. पार्किंग में घंटों गाडिय़ां लगी रहती हैं, पर उसे चेक करने वाला कोई नहीं होता है. गार्ड से मिली जानकारी के अनुसार पटना एयरपोर्ट पार्किंग में हमेशा 300 से 500 गाडिय़ां लगी रहती हैं. अगर किसी दिन कोई सेलिब्रिटी आ जाते हैं, तो यह संख्या और भी बढ़ जाती है.