- एनुअल एग्जाम की तुलना में सेमेस्टर में ज्यादा बैक पेपर

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LUCKNOW :

एलयू में इस सेशन से शुरू हुई सेमेस्टर प्रणाली का पहला एग्जाम हो चुका है, जिसका रिजल्ट जारी होना शुरू हो गया है. रिजल्ट का पहला झटका बीकॉम के स्टूडेंट्स को लगा है. एक से ज्यादा पेपर में ग्रेस मॉ‌र्क्स की छूट और सेमेस्टर में आधे सिलेबस का एग्जाम होने के बाद भी रिजल्ट सुधरने की जगह और खराब हो गया. पास होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या कम हो गई, वहीं बैकपेपर वालों की संख्या बढ़ गई.

2309 का अाया बैक पेपर

एलयू में इस बार बीकॉम में 9782 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी. इसमें 6428 पास हुए जबकि 973 फेल हो गए. वहीं 2309 का बैकपेपर आया. प्रतिशत में पिछले साल से तुलना की जाए तो फ‌र्स्ट सेमेस्टर के रिजल्ट में पिछले साल बीकॉम फ‌र्स्ट इयर में 10.72 प्रतिशत का बैकपेपर आया था. जो अब बढ़कर 23.60 प्रतिशत हो गया. पिछली 69.53 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे. इस बार 65.71 प्रतिशत ही सफल हुए. पिछली बार 96.96 प्रतिशत ने परीक्षा दी थी. वहीं इस बार 99.30 प्रतिशत स्टूडेंट्स शामिल हुए. हालांकि बैकपेपर ज्यादा होने से फेल होने वालों की संख्या में कमी आई है. पिछली बार 16.25 प्रतिशत फैल हुए थे वहीं इस बार यह संख्या घट कर 9.95 फीसद रह गई.

दी गई सहूलियतें

इस बार स्टूडेंट्स को पास होने का ज्यादा मौका मिला था. पिछली बार ग्रेस मा‌र्क्स सिर्फ एक पेपर में ही अधिकतम सात अंक का था. इस बार इसमें बदलाव कर एक पेपर की बाध्यता हटा दी गई. ऐसे में सात अंक का ग्रेस अभ्यर्थी चाहे जितने पेपर में ले सकते हैं. यानी तीन पेपर में भी वो दो-दो अंक से फेल है तो उसे पास कर दिया जाएगा.