-सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज में रेडियो व वीडियो प्रोडक्शन की समर ट्रेनिंग का उद्घाटन

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PRAYAGRAJ: बदलते समय में मीडिया की चुनौतियां बढ़ी हैं। पेड न्यूज और कॉरपोरेट मीडिया के समय में महात्मा गांधी की पत्रकारिता और उनकी नैतिकताएं एक बार फिर महत्वपूर्ण हो गई हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही नई पीढ़ी को यह देखना होगा कि वह उन जिम्मेदारियों और उत्तरदायित्व को भली-भांति निभाए। जिनका सीधा सरोकार सामान्य जन से होता है। यह बात आकाशवाणी नई दिल्ली की पूर्व अधिकारी व वरिष्ठ ब्रॉडकास्टर सरिता बरारा ने कहीं।

लोक प्रसारक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

सरिता बरारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज में रेडियो व वीडियो प्रोडक्शन की समर ट्रेनिंग के उद्घाटन अवसर पर विचार व्यक्त कर रही थीं। दूरदर्शन, नई दिल्ली के पूर्व उप महानिदेशक डॉ। अशोक त्रिपाठी ने कहा कि दूरदर्शन ने अपने प्रारम्भिक दिनों में लोक प्रसारक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन धीरे-धीरे वो भी व्यावसायिकता की ओर बढ़ गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रही इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की निदेशक प्रो। नीलम यादव ने कहा कि मीडिया को सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाना होगा। इस अवसर पर सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज के कोर्स को-आर्डिनेटर धनंजय चोपड़ा, एसके यादव, विद्यासागर मिश्र, सचिन मेहरोत्रा, अमित मौर्या, शशांक त्रिपाठी इत्यादि उपस्थित रहे।