- केजीएमयू पर लगते रहे हैं सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर्स की भर्ती में धांधली के आरोप

- अभी सिर्फ इंटरव्यू के बेस पर होती रही हैं भर्तियां

sunil.yadav@inext.co.in

LUCKNOW: केजीएमयू में सीनियर रेजीडेंट पदों पर भर्ती अब सिर्फ एंट्रेंस एग्जाम से होंगी। लगातार लग रहे धांधली के आरोपों के चलते वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट ने यह कदम उठाया है। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने सीनियर रेजीडेंट्स के अप्वाइंटमेंट की पॉलिसी जारी की है।

डीजे-आईनेक्स्ट ने किया था खुलासा

29 जून 2016 को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने 'केजीएमयू में जॉब फिक्सिंग' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर खुलासा किया था कि किस प्रकार केजीएमयू में नान पीजी जेआर व सीनियर रेजीडेंट पदों पर भर्ती में धांधली हो रही है। जगह निकलने से पहले ही कैंडीडेट के नाम तय हो जाते हैं। उस समय के वीसी प्रो। रविकांत ने आगे से सभी भर्तियां लिखित पेपर के आधार पर कराने की बात कही थी लेकिन धांधली रुकी नहीं। पिछले वर्ष रेजीडेंट डॉक्टर्स से मिली शिकायतों और दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की खबरों का संज्ञान लेते हुए मामला 2 अगस्त 2018 की कार्य परिषद में रखा गया। कार्य परिषद ने इसके लिए कमेटी गठित की थी। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट की ओर से सीनियर रेजीडेंट्स के अप्वाइंटमेंट की पॉलिसी लागू की गई है।

टैलेंट पीछे, सोर्स आगे

केजीएमयू में सभी विभागों में सीनियर रेजीडेंट के पदों पर भर्ती होती है। हर वर्ष करीब 200 से अधिक सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर भर्ती किए जाते हैं। पिछले साल भी बड़ी संख्या में भर्तियां हुई थीं। इसमें भी कई डॉक्टर्स ने केजीएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। बाल रोग विभाग से एमडी करने वाले डॉ। शशांक मिश्रा ने वीसी से मिलकर मेरिट में खेल करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि केजीएमयू से एमबीबीएस और एमडी पीडियाट्रिक करने और मेरिट के बाद भी भर्ती में अन्याय किया गया। केजीएमयू प्रशासन ने उनकी एक न सुनी और मनमाने ढंग से भर्तियां कर दीं।

लो मेरिट पर सेलेक्शन

लास्ट इयर रेजीडेंट डॉक्टर्स ने आरोप लगाया था कि मेरिट की जगह अपनी पसंद वालों की भर्ती की गई। बड़े लेवल पर पैरवी कर सेलेक्शन किया गया है। इन समस्याओं को देखते हुए ही इस बार वीसी ने नई पॉलिसी लागू की है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे भर्ती में धांधली रुक जाएगी। गौरतलब है कि नान पीजी रेजीडेंट पदों की भर्तियों पर पिछले साल ही रोक लगाई जा चुकी है।

पहले क्या कहा था

हालांकि वीसी एमएलबी भट्ट ने पिछले साल कहा था कि सीनियर रेजीडेंट पदों पर भर्तियां इंटरव्यू के बेस पर होती हैं। जिसमें एचओडी, सीएमएस, एमएस आदि नामित होते हैं। भर्ती दक्षता और उपयोगिता के आधार पर होती है, जिसमें कोई गड़बड़ी नहीं होती है। अब एक साल में ही केजीएमयू प्रशासन को समझ आ गया कि पुराने नियमों में गड़बडि़यां थीं।

बाक्स

यह होगा एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

- कैंडीडेट की एज 37 वर्ष से अधिक न हो

- एंट्रेंस एग्जाम एग्जामिनेशन कंट्रोलर कराएंगे

- 100 नंबर का एग्जाम, अधिकतम 100 मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन

- समान अंक आने पर जूनियर को दिया जाएगा चांस

- अब निगेटिव मार्किंग नहीं होगी

- रिजर्वेशन सिस्टम लागू होगा, सीएमएस देंगे नियुक्ति पत्र

कोट

आगे से सभी सीनियर रेजीडेंट के पदों पर भर्तियां एंट्रेंस एग्जाम से की जाएंगी। इसके लिए पॉलिसी जारी की गई है।

डॉ। सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू