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PATNA : पटना पुलिस ने एक दवा कारोबारी से 20 लाख रुपए रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग में एक सिम डिस्ट्रीब्यूटर भी शामिल था। वो गिरोह को फर्जी सिम देता था। इसके साथ ही दवा कारोबारी का एक नौकर भी इस साजिश में शामिल था। मामले में पुलिस लगातार आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।

जांच में हुआ भंडाफोड़

पटना सेंट्रल एसपी पीके दास ने बताया कि पीरबहोर थाना क्षेत्र में गोविंद मित्रा रोड स्थित दवा कारोबारी पंकज कुमार के मोबाइल पर 19 अप्रैल को कॉल कर 20 लाख रुपए रंगदारी की मांग की गई थी। व्यापारी को तीन दिन का समय दिया गया था। रुपया नहीं देने पर उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद व्यापारी काफी डर गया। व्यापारी ने पुलिस थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने जब पड़ताल की तो पता चला कि सिम कार्ड सुरेश लाल के नाम से रजिस्टर्ड है। इसके बाद पुलिस ने जब जब सुरेश लाल को गिरफ्तार किया तो पता चला कि सिम तो एक महीना पहले ही बंद हो गया है। बाद में जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि गैंग में सिम डिस्ट्रीब्यूटर सहित कुल चार लोग शामिल थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, 1 सिम, जाली सिम प्राप्त करने वाले दस्तावेज और रजिस्टर जब्त किया है।

डस्ट्रीब्यूटर ऐसे करता था खेल
धमकी देने वाले नंबर की जब पुलिस ने जांच तो पता चला कि वो सुरेश लाल के नाम से रजिस्टर्ड है। सुरेश ने पुलिस को बताया कि मैंने आइडिया का सिम लिया था। सिम बंद होने के कारण मैंने डिस्ट्रीब्यूटर अरविंद को लौटा दिया था। इसके बाद उसने सिम डिएक्टिवेट नहीं किया और उसने उस सिम को अपने साथी को रंगदारी के लिए दे दिया। इस कारण जब कॉल किया गया तो उसमें सुरेश का नाम ही दर्ज था।

500 में खरीदे थे मोबाइल
डिस्ट्रीब्यूटर ने अपने साथी अंकित को सिम दिया था। इसके बाद इन सभी लोगों ने मिलकर प्लान बनाया। प्लान के लिए इन लोगों ने बाकरगंज से 500 रुपए में चाइनिज मोबाइल खरीदा। उसमें सिम डाला और व्यापारी को कॉल कर रंगदारी मांगी। बदमाशों की आवाज पहचान में नहीं आए। इसके लिए उन लोगों ने आवाज बदलने का एप डाउनलोड किया था। अभी तक पूछताछ में इन लोगों ने पहली बार अपराध करना स्वीकारा है। हालांकि पुलिस को इनकी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा है। पुलिस इनके रिकॉर्ड को खंगाल रही है।

मामले में किसका क्या रोल

अंकित कुमार : अंकित इस मामले का मास्टरमाइंड है। उसी ने रंगदारी की प्लानिंग की थी।
बिपिन कुमार :
प्लान होने के बाद बिपिन कुमार ने ही व्यापारी को कॉल कर रंगदारी मांगी थी।
अरविंद कुमार : अरविंद सिम डिस्ट्रीब्यूटर है। इसी ने अंकित को रंगदारी के लिए सिम दिया था।
अमित कुमार : अमित दवा व्यापारी का कर्मचारी है। इसी ने गिरोह का कारोबारी का नंबर दिया था।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

अंकित कुमार पिता बीगन पंडित निवासी जनपारा, थाना रानीतालाब, पटना।

बिपिन कुमार उर्फ अमरनाथ यादव पिता नंदलाल यादव निवासी लोदीपुर थाना नौबतपुर।

अरविंद कुमार पिता श्याम मंडल निवासी पंडोल जिला मधुबनी। वर्तमान पता बिहटा। अमित कुमार पिता उमेश रजत निवासी जक्कनपुर जिला पटना।


दवा कारोबारी से 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। बदमाश काफी शातिर हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है।
पीके दास, एसपी सेंट्रल

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