-तीनों को एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा

-अपर न्यायायुक्त ने डोरंडा थाने में दर्ज मामले में सुनाया फैसला

जैप वन के हवलदार गौतम थापा, इंद्रभान थापा और उमेश गुरुंग को हुई सजा

रांची : अपर न्यायायुक्त श्रीप्रकाश दूबे की अदालत में बुधवार को जहरीली शराब कांड में सुनवाई हुई. इस दौरान तीन अभियुत्तों को सात वर्ष की सजा सुनाई गई. अभियुक्तों में जैप (झारखंड आ‌र्म्ड पुलिस) वन का हवलदार गौतम थापा, इंद्रभान थापा और उमेश गुरुंग शामिल हैं. इन्हें सात वर्ष सजा के अलावा एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. तीनों अभियुक्तों के खिलाफ पांच सितंबर 2017 को डोरंडा थाने में कांड संख्या 190/17 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इनके खिलाफ आरोप है कि इन लोगों ने जहरीली शराब की सप्लाई और बिक्री की थी. इसे पीने के बाद कई लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में अभियोजन की ओर से अदालत में 11 लोगों की गवाही दर्ज की गई. बताते चलें कि जहरीली शराब से हुई दो लोगों की मौत संबंधित सुखदेव नगर थाने में दर्ज एक अन्य मामले में बीते 20 अगस्त को अदालत का फैसला आया था. इसमें अवैध शराब फैक्ट्री के संचालक प्रहलाद सिंघानिया उर्फ सिंधिया, गौतम थापा और इंद्रभान थापा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.

क्या है पूरा मामला

सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से संदीप चौधरी और अमित तिवारी की मौत हुई थी. इस मामले को लेकर पीडि़त परिवार के सदस्यों ने सुखदेव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. उसी आधार पर सुखदेव नगर और डोरंडा थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से डोरंडा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया था. इसी क्रम में डोरंडा थाना की पुलिस ने इंद्रभान थापा की दुकान और घर में छापेमारी की. यहां से पुलिस ने विभिन्न ब्रांडों के 116 अवैध शराब की बोतलें बरामद की. पूछताछ के क्रम में इंद्रभान ने तरुण दास और उमेश गुरुंग से अवैध शराब खरीदने की बात पुलिस को बतायी. पुलिस की टीम ने उमेश व तरुण के घर पर भी छापेमारी की. वहां से अलग-अलग ब्रांडों के 130 अवैध शराब की बोतलों को जब्त किया गया था. बता दें कि दो मौतों के बाद पूरे शहर में एक के बाद एक 22 लोगों की मौत हुई थी.

करम पर भेजी थी नकली शराब :

करम पर्व के मौके पर दो सितंबर 2017 की रात अवैध शराब कारोबारी प्रहलाद सिंघानिया ने रांची के बाजार में नकली शराब की एक बड़ी खेप उतारी थी. इस जहरीली शराब का सेवन कर 22 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. मरनेवालों में जैप के चार जवान भी शामिल थे.