-जल्द ही फाइनल होगा सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क मरम्मत का काम

ALLAHABAD: बुधवार शाम दो घंटे की बारिश के बाद शहर के खराब हुए हालात के लिए लोग गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को सबसे अधिक जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. इस इकाई पर बारिश से पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों व गलियों की मरम्मत न कराए जाने के आरोप हैं. वहीं गुरुवार को दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट रिपोर्टर ने जीएम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई प्रदीप कुमार अग्रवाल से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि लोग कुछ भी कहें, बारिश के पहले सड़क फाइनल नहीं कर सकते हैं. बातचीत में उन्होंने अन्य सवालों का भी जवाब दिया..

सवाल: बुधवार रात शहर में जगह-जगह सड़क व पटरी धंसने के लिए कौन है जिम्मेदार?

जवाब: शहर में जहां-जहां सड़क, पटरी और गलियां धंसने की शिकायत आई है वहां पर बुधवार देर रात से ही टीमें लगा दी गई हैं. गिट्टी डालकर गड्ढा पाटने के साथ ही रोड को चलने लायक बनाया जा रहा है. इसके अलावा कई सड़कों पर जीएसबी करके उसे रिपेयर किया जा रहा है.

सवाल: गलियों और सड़क में गड्ढा खोदकर क्यूं छोड़ दिया गया है?

जवाब: लोग आरोप लगाते हैं कि सीवर लाइन बिछाने के बाद गड्ढा खोदकर छोड़ दिया जा रहा है तो लोगों का ये आरोप गलत है. जहां पर काम चलता है, गड्ढा केवल वहीं होता है. अन्य स्थानों पर काम पूरा होते ही गड्ढा पाट दिया जाता है, जिससे मिट्टी का ढेर लगा रहता है.

सवाल: सीवर लाइन बिछाने के बाद खोदी गई सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई?

जवाब: पब्लिक की ओर से लगातार यही दबाव बनाया जाता रहा है कि जहां भी सीवर लाइन बिछे, वहां तत्काल रोड बना दिया जाए. जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता है, रोड को चलने लायक बनाया जा सकता है, लेकिन उसे फाइनल नहीं किया जा सकता है. क्योंकि चाहे जैसी रोड बनाई जाए, बारिश होने पर सड़क बैठती ही है. लेकिन बारिश के मौसम में अगर एक बार सड़क बैठने पर उसकी मरम्मत के बाद सड़क को फाइनल टच दिया जाए तो रोड काफी अच्छी रहती है.

कमिश्नर से मिलकर की शिकायत

नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष रतन दीक्षित ने गुरुवार को कमिश्नर डॉ. आशीष कुमार गोयल से मुलाकात कर बुधवार को हुई बारिश की वजह से मारे गए लोगों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, नगर निगम व एडीए की लापरवाही व आपसी सामंजस्य न होने की वजह से शहर में दिक्कत बढ़ गई है.

पूर्व मंत्री की गाड़ी भी फंसी

बुधवार की शाम को हुई बारिश के दौरान पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह गौड़ भी पानी में फंस गए थे. उनकी कार को लेागों ने बड़ी मुश्किल से कीचड़ से बाहर निकाला. उन्होंने एडीए, नगर निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को जिम्मेदार ठहराते हुए अधिकारियों से शिकायत की.

कांग्रेसियों ने किया हंगामा

बुधवार को हुई बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव, सड़कों पर गढ्डे के साथ ही अन्य समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर विरोध जताया. मांग पत्र उपजिलाधिकारी रजनीश राय को सौंपा गया. कांग्रेसियों ने दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में परिजनों को मुआवजा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. प्रदेश महासचिव मुकुन्द तिवारी व हसीब अहमद ने कहा कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.