भूकंप आने पर अपनी चाल बदल देते हैं बादल
हम बात कर रहे हैं काशी के मुस्लिम बाहुल क्षेत्र छित्तनपुरा में रहने वाले एक 56 वर्षीय शकील अहमद की। शकील अहमद पिछले 25 सालों से भूकंप की भविष्यवाणी करते आ रहे हैं। उनकी भविष्यवाणी का कोई वैज्ञानिक आधार नही होता है। उन्‍होंने अभी तक भूकंप को लेकर जितनी भी भविष्यवाणियां की हैं वह लगभग सही साबित हुई हैं। जम्मू कश्मीर में 2005 में आया भूकम्प हो या गुजरात के भुज में आया भूकम्प। शकील अहमद बताते हैं आसमान में उभरने वाले कुछ खास किस्म के बदल और उनकी चाल से वो आने वाली प्राकृतिक आपदा की भविष्यवाणी करते हैं।

ये आदमी जब-जब बोलता है आ जाता है भूकंप

जमीन से निकलने वाली तरंगे करती है प्रभावित

जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में आई बाढ़ की भविष्‍यवाणी भी शकील ने कुछ दिनों पहले ही कर दी थी। जापान मे 1995 में और 12 मई 2008 में चीन में आये भूकंप की भविष्यवाणी भी उन्होंने की थी। शकील बताते हैं कि जमीन के अंदर जो भी हलचल होती है उसका सीधा प्रभाव बादलों पर होता है। जिसके चलते बादल अपनी चाल, आकार और रंग बदलते हैं। जमीन के अंदर से निकलने वाली तरंगें बादलों को प्रभावित करती हैं। बादलों को देखकर भूकंप की भविष्‍यवाणी की जा सकती है। भूकंप आने के अनुमानित समय, स्थान और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता क्‍या होगी इसकी भी सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है।

Weird News inextlive from Odd News Desk

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