साईं बाबा से नही उनकी पूजा से दिक्‍कत
साईं बाबा को लेकर हुई कंट्रोवर्सी के चलते जब एक रिपोर्टर ने शंकराचार्य से साईं के विरोध का कारण पूछा गया तो शंकराचार्य ने एक और विवादित स्‍टेटमेंट दे डाला. शंकराचार्य ने कहा कि उन्‍हें साईं बाबा से कोई दिक्‍कत नही है बल्कि उनकी पूजा होने से है. शंकराचार्य ने अपने पिछले इंटरव्‍यू में कहा है कि साईं बाबा भगवान नहीं हैं इसलिए उनके मंदिर और मूर्ति पूजा नही होनी चाहिए.

साईं बाबा जिंदा नही इसलिए पूजा नही
शंकराचार्य ने अपने लेटेस्‍ट इंटरव्‍यू में कहा है कि साईं बाबा जिंदा नही हैं इस वजह से उनकी पूजा नही की जा सकती. इसके बाद उन्‍होनें कहा कि भगवान कृष्ण और श्रीराम इसलिए पूज्‍यनीय हैं क्‍योंकि इनके अस्तित्‍व को आज भी माना जाता है. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि हिंदु धर्म में मंदिर में मूर्ति स्‍थ‍ापित करने के बाद उसमें प्राण प्रतिष्‍ठा भी की जाती है. शंकराचार्य ने कहा है कि हिंदू धर्म में अचेतन और अयोग्य की पूजा नहीं की जाती हैं

उमा भारती जल्‍द बनेंगी फिर से रामभक्‍त
जब शंकराचार्य से केंद्रीय मंत्री उमा भारती के बारे में पूछा गया तो शंकराचार्य ने कहा कि वे उमा भारती को बचपन से जानते हैं. उमा भारती बचपन से राम भक्‍त थी और अब साईं भक्‍त हो गईं हैं. इसके बाद शंकराचार्य ने कहा कि उन्‍हें उम्‍मीद है कि उमा भारती जल्‍द ही फिर से राम भक्‍त हो जाएंगी.


सच के लिए जेल जाने को तैयार
जब शंकराचार्य से गंगा में साईं भक्तों के स्नान नहीं करने वाले मुद्दे पर बात की गई तो शंकराचार्य ने कहा कि मीडिया उनके बयानों को तोड़-मरोड़ के पेश करता है. शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने कहा था कि जो लोग साईं भक्त नहीं है क्या गंगा उनका उद्धार नहीं करेगी. द्वारकापीठ के शंकराचार्य ने साईं भक्‍तों द्वारा उनके विरोध पर कहा कि उन्‍होंने सच कहा है और सच बोलने के लिए वे जेल जाने के लिए भी तैयार हैं.

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