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JAMSHEDPUR: लौहनगरी में गरीबों, आश्रयहीनों, बेसहारा, कामगरों को रात में सड़क पर रात न गुजारनी पड़े इसके लिए शेल्टर होम बनाए गए हैं. लेकिन, शेल्टर होम में ताला जड़ा होने की वजह से लोग रोड किनारे अपनी रातें काटने को मजबूर हैं. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की टीम ने मंगलवार को शेल्टर होम का जायजा लिया तो बस स्टैंड, छाया नगर, डाईगुट्टू, जगुसलाई, कदमा, सोनारी के शेल्टर होम में ताले लटके मिले. किशोरी नगर स्थित सेल्टर होम में अव्यवस्थाओं का पुलिंदा मिला जहां गंदगी, सुरक्षा, बिजली पानी, बिस्तर से मरहूम दो वृद्ध मिले. सरकार द्वारा हर माह पेमेंट के बाद भी शेल्टर संचालक ठीक से व्यवस्था नहीं कर रहे हैं.

अव्यवस्थाओं का पुलिंदा

एमजीएम हॉस्पिटल के पीछे बने किशोरी नगर शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं का पुलिंदा मिला. मेनगेट की कुड़ी बंद नहीं होती, जिससे रात में सुरक्षा का डर बना रहता है. कमरे के अंदर लगे जाले, खराब पंखे, टायलेट में गंदगी, बिना पानी के वॉश बेसिन टूटे तख्त और गंदे बिस्तर शेल्टर होम की पहचान बन चुके हैं. मानगो बस स्टैंड में 50 बेड और मानगो के कुमरूम बस्ती में शेल्टर होम बनकर तैयार हैं. जिसका उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है. दोनों का उद्घाटन ठंड पहले होने की उम्मीद है.

सालों से नहीं मिला वेतन

शेल्टर होम में तैनात एक कर्मी ने शिकायत की है कि सालों से वेतन नहीं मिलने की वजह से घर चलाना मुश्किल हो रहा है. शेल्टर होम के संचालक राज किशोर ने बताया कि जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी (जेएनएसी) के चक्कर काटकर परेशान हो गए हैं. इसके बाद भी जेएनएसी अधिकारी पेमेंट नहीं कर रहे हैं. शेल्टर होम में सुरक्षा के लिए एक महिला और रात में एक पुरुष की तैनाती की गई है.

ठंडी में ही खुलते हैं

शहर में बने सभी शेल्टर होम ठंड में ही खुलते हैं. इन सेल्टर होमं की याद भी जेएनएसी अधिकारियों को भी ठंड में ही याद आती है. वहीं भारी अव्यवस्था के चलते गर्मी में लोग बाहर ही रहना पसंद करते हैं.

मिलनी चाहिए ये सुविधाएं

-कोई भी आश्रयहीन आधार कार्ड देकर सेल्टर होम में रह सकता है.

-शेल्टर होम में चौकी, बिस्तर आदि की व्यवस्था करना.

-आश्रितों को टायलेट, पानी, पंखा, सफाई आदि की व्यवस्था करना

-आश्रितों के खाने की व्यवस्था करना, जिसका पैसा सरकार की ओर स दिया जाता है.

यहां है शेल्टर होम

-किशोरी नगर

-छाया नगर

-कदमा

-सोनारी बार्मामाइंस

-बारीडीह

-नगर पालिका कार्यालय जुगसलाई

-दाइगुट्टू

-कुमरूम बस्ती

-मानगो बस स्टैंड

मानगो में बेटे के साथ किराए पर रहती थी. जब तक मैं घर का काम करती थी, तब तक सब ठीक था. मेरा पैर टूटने के बाद बेटे-बहू ने छोड़ दिया. तब से शीतला मंदिर में भीख मांग कर खाना का प्रबंध कर लेती हूं. शेल्टर में अव्यवस्थाएं हैं, कोई वृद्धाआश्रम में जगह मिल जाए, तो बहुत मेहरबानी होगी.

-कर्मी दास, मानगो

माता-पिता की मौत के बाद एक दुकान में काम करने लगा था. एक्सीडेंट के बाद एमजीएम में आया था. ठीक होने के बाद सड़क किनारे रहता था, लेकिन पुलिस वाले परेशान करते थे. शेल्टर होम में अव्यवस्थाएं हैं. सीएम के घर लेटर लेकर गया था, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई. -सुखराम पातर, टेल्को

शहर में संचालित सभी शेल्टर होम पूरे साल खुलने का आदेश है. अगर शेल्टर होम का संचालन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है, तो संबंधित नगर पालिका के अधिकारियों को आदेश देकर चेकिंग कराई जाएगी. जिन शेल्टर होम में ताले बंद हैं, उनके संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

-माधवी मिश्रा, एसडीओ, धालभूढ़