आई एक्सक्लूसिव

-पिछले साल से लगातार आ रहे भूकम्प से मल्टीस्टोरी से लोगों का मोह भंग

- लाइफ सिक्योरिटी के लिए कई लोगों ने औने-पौने दाम में बेच दिए फ्लैट

- केडीए सहित प्राइवेट बिल्डर्स को सता रही अपने प्रोजेक्ट्स के फेल होने की चिंता

- तमाम कोशिशों और लुभावने ऑफर्स के बाद भी नहीं मिल रहे फ्लैट के खरीददार

kanpur@inext.co.in

KANPUR: पिछले साल से लगातार शहर में लग रहे भूकम्प के झटकों से जान माल का भले ही कोई नुकसान न हुआ हो लेकिर रीयल एस्टेट बाजार बुरी तरह हिल गया है. भूकम्प के झटकों ने लोगों को इस तरह डरा दिया है कि मल्टीस्टोरी की तरफ रुख ही नहीं कर रहे हैं. कई लोगों ने तो औने-पौन दाम में अपने फ्लैट बेच दिए हैं. केडीए के साथ प्राइवेट बिल्डर्स और डेवलपर्स को अपने ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की चिन्ता सताने लगी है. तमाम कोशिशों और लुभावने ऑफर्स के बाद भी फ्लैट के खरीददार नहीं मिल रहे हैं.

केडीए अफसर निराश

दरअसल पिछले साल पहले अप्रैल से मई के बीच कई बार आए अर्थक्वेक के झटके से कानपुर की धरती डोली. इससे खासतौर पर मल्टीस्टोरी में रहने वाले फ्लैट बन्द कर भाग खड़े हुए. जिससे दहशतजदा लोगों ने मल्टीस्टोरी में फ्लैट खरीदने से तौबा कर ली. इससे रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त झटका लगा. केडीए सहित प्राइवेट बिल्डर्स, डेवलपर्स की लाख कोशिशों के बावजूद भी फ्लैट नहीं बिके. केडीए ड्रीम्स के 1200 फ्लैट और केडीए हाईट के 132 फ्लैट के लिए कई बार स्कीम निकाली फिर भी फ्लैट नहीं बिके. सबसे अच्छी लोकेशन वाले मैनावती मार्ग स्थित केडीए ग्रीन्स के 120 फ्लैट न बिकने से केडीए अफसरों को खासी निराशा हुई. एक बार फिर केडीए ने ग्रीन्स के 900 से अधिक फ्लैट बेचने की स्कीम लांच की.

बार-बार झटकों से डरे लोग

अभी तक पिछले साल भूकम्प के झटकों से रियल सेक्टर भूकम्प के असर से पूरी तरह उभर नहीं सका है. केडीए और बिल्डर्स को उम्मीद थी कि समय गुजरने के बाद लोग भूकम्प को भूल जाएंगे. एकबार फिर फ्लैट बाजार गुलजार हो जाएगा. पर अप्रैल में फिर एक के बाद भूचाल आ रहे हैं. कानपुर में भी भूकम्प के झटके महसूस हुए. इससे लोगों में पिछले साल आए भूकम्प के मंजर फिर आंखों के सामने नजर आने लगे.

डेवलपर्स की हालत पतली

लोगों का डर देखकर केडीए अफसर, बिल्डर और डेवलपर्स और ज्यादा खौफजदा हो गए. उन्हें अपने ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के हश्र की चिन्ता सताने लगी है. इस खौफ से केडीए अफसर बच नहीं पा रहे है. उन्हें हॉल ही में एक बार फिर लांच किए गए शताब्दी नगर के 900 से अधिक फ्लैट की सबसे अधिक फिक्र है. वैसे भी इन फ्लैट्स पर पब्लिक ने कोई इंट्रेस्ट नहीं दिखाया है. यही नहीं शताब्दी नगर, जवाहरपुरम में चार मंजिला बिल्डिंग में केडीए 3800 और फ्लैट बना रहा है. इसके साथ ही विकास नगर और किदवई नगर में भी केडीए हाईराइज बिल्डिंग बना रहा है. जिसमें लगभग 1500 फ्लैट हैं. .

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