उपेक्षा से आहत शिवपाल सिंह यादव ने बनाया समाजवादी सेक्युलर मोर्चा

- कहा, पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता था

- पार्टी बताएं मैं हूं कि नहीं, कार्रवाई का कोई डर नहीं

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उपेक्षा से आहत शिवपाल सिंह यादव ने बनाया समाजवादी सेक्युलर मोर्चा

- कहा, पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता था

- पार्टी बताएं मैं हूं कि नहीं, कार्रवाई का कोई डर नहीं

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LUCKNOW : करीब ढाई साल से सपा में हाशिए पर चल रहे वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने एक बार फिर बागी तेवर अपना लिए हैं. उन्होंने बुधवार को समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन करने का ऐलान कर दिया. कहा कि अब वे इस मोर्चे को मजबूत करने का काम करेंगे और सपा से उपेक्षित नेताओं और कार्यकर्ताओं को इससे जोड़ेंगे. आगे बोले कि अब पार्टी बताएं कि मैं हूं कि नहीं. अखिलेश चाहें तो मुझे निकाल दें. अब मुझे किसी तरह की कोई कार्रवाई होने का डर भी नहीं है.

हो रही थी उपेक्षा

बुधवार को अचानक एक खबरिया एजेंसी से बातचीत में शिवपाल ने यह ऐलान किया है. कहा कि इसमें छोटे-छोटे दलों को भी शामिल किया जाएगा. सबकी सहमति से मोर्चा चुनाव भी लड़ेगा. दावा किया कि मुलायम सिंह यादव का भी उन्हें आशीर्वाद प्राप्त है, उन्हें इसकी पूरी जानकारी है और वे उनके साथ हैं. ध्यान रहे कि मंगलवार को शिवपाल ने मुलायम से लंबी मुलाकात भी की थी. बोले कि सपा में मेरी लगातार उपेक्षा हो रही थी. नेताजी का भी सम्मान नहीं हो रहा है. पार्टी के कार्यक्रमों की न तो सूचना दी जाती थी और ना ही बुलाया जाता था. अब वक्त आ गया है कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चा को मजबूत कर उन सीटों पर चुनाव लड़ा जाए जो जीती जा सकती है. साथ ही जल्द लखनऊ में मोर्चा का एक बड़ा सम्मेलन बुलाने की घोषणा भी की.

ढाई साल से चल रही रार

दरअसल, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से शिवपाल करीब ढाई साल से नाराज हैं. अखिलेश ने मुख्यमंत्री रहते उनके विभाग भी छीन लिए थे. वहीं मुलायम सिंह ने जब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया तो उन्हें अखिलेश की नाराजगी का सामना करना पड़ा. नौबत यहां तक आ गयी कि शिवपाल और अखिलेश के समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन किया गया. बाद में अखिलेश ने विशेष अधिवेशन बुलाया जिसमें उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया और मुलायम सिंह को पार्टी का संरक्षक. शिवपाल की जगह नरेश उत्तम सपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और अमर सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया गया.

बॉक्स

अखिलेश बोले, बढ़ती रहेगी साइकिल

शिवपाल द्वारा अपने मोर्चा को सक्रिय करने के ऐलान से समाजवादी पार्टी में उनका विरोध भी आरंभ हो गया. पार्टी मुख्यालय में बुधवार को उनके विरोध में नारेबाजी भी गयी. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव निकट आएगा, तमाम चीजें देखने को मिलेंगी, फिर भी सपा की साइकिल बढ़ती रहेगी. किसी भी मुद्दे पर कार्यकर्ताओं को अपना ध्यान नहीं भटकने देना है.

यूं शुरू हुई रार

- अगस्त ख्0क्म् में अखिलेश और शिवपाल के बीच हुआ विवाद सार्वजनिक, अमर सिंह बने वजह

- क्ख् सितंबर ख्0क्म् को अखिलेश दो मंत्रियों गायत्री और राजकिशोर को बर्खास्त किया

- क्फ् सिंतबर ख्0क्म् को मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटाया. मुलायम ने शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया तो अखिलेश ने उनके सात अहम विभाग वापस ले लिए.

- क्भ् सितंबर ख्0क्म् को शिवपाल ने मुलायम और अखिलेश से मुलाकात के बाद सभी पदों से इस्तीफा दे दिया.

- क्म् सितंबर ख्0क्म् को मुख्यमंत्री आवास, सपा मुख्यालय और मुलायम के आवास पर दोनों के समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन

- फ्0 दिसंबर ख्0क्म् को टिकट वितरण से नाराज मुलायम ने अखिलेश और रामगोपाल को बर्खास्त किया

- फ्क् दिसंबर ख्0क्म् को बर्खास्तगी वापस, लेकिन रामगोपाल विशेष अधिवेशन बुलाने पर अड़े

- 0क् जनवरी ख्0क्7 को विशेष अधिवेशन में मुलायम को हटाकर अखिलेश सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने

- 0ख् जनवरी ख्0क्7 को मुलायम और शिवपाल ने चुनाव आयोग में लगायी गुहार, साइकिल सिंबल पर अपना दावा ठोका

कोट

सपा लंबे संघर्ष के बाद बनी थी. इसमें कई बड़े-बड़े नेता रहे लेकिन, लंबे समय से मुझे कोई काम नहीं दिया जा रहा और न ही कोई पूछ रहा है. अब ऐसे में मेरे सामने दूसरा कोई चारा नहीं है. मेरा प्रयास होगा कि ऐसे लोगों को जोड़ें जिनका सपा में सम्मान नहीं हो रहा. इसीलिए सेक्युलर मोर्चा बनाकर अपने लोगों को काम दिया है, ताकि वह लोगों से बात करें और आम जनता को जोड़े .

--शिवपाल सिंह यादव

जैसे-जैसे चुनाव निकट आएगा तमाम चीजें देखने को मिलेंगी, फिर भी सपा की साइकिल बढ़ती रहेगी. किसी भी मुद्दे पर कार्यकर्ताओं को अपना ध्यान नहीं भटकने देना है.

-अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष