- अक्टूबर-नवंबर में होंगे होम एग्जाम्स

- 3 हजार गेस्ट प्रवक्ताओं की वापसी, 1700 एलटी शिक्षक भी मिले

- शिक्षकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अधूरा सिलैबस

DEHRADUN: सूबे के शिक्षा महकमे के हाल किसी से छिपे नहीं हैं. होम एग्जाम सिर पर हैं और बच्चों का सिलैबस कम्पलीट नहीं हो पाया है. हालांकि, अब सूबे में करीब फ् हजार गेस्ट टीचर्स की वापसी और क्700 एलटी शिक्षक मिलने से शिक्षा महकमे में टीचर्स की कमी तो कुछ हद तक पूरी होगी लेकिन इसका फायदा अब छात्रों को क्या होगा ये बड़ा सवाल है. शिक्षा महकमे के अनुसार सूबे में 7000 शिक्षकों की कमी है. भ् हजार शिक्षक मिलने के बाद भी ख् हजार शिक्षकों की कमी पूरी करना सरकार के लिए चुनौती है.

मार्च ख्0क्8 तक रहेगी तैनाती

प्रदेश के सरकारी स्कूलों का भविष्य जिन शिक्षकों के हाथ में है, उनमें से कई शिक्षक कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, जिनमें गेस्ट टीचर्स प्रमुख हैं. सरकार ने शिक्षकों की कमी पूरा करने और बजट को देखते हुए गेस्ट टीचर्स की नियुक्तियां तो कर दीं, लेकिन अब गेस्ट टीचर को विभाग में सेवाएं देना बड़ी चुनौती साबित हो रही है. हालांकि हाल ही में नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य के फ्क्फ्क् प्रवक्ता अतिथि शिक्षकों को सरकार के आग्रह पर बहाल तो कर दिया. लेकिन, मार्च ख्0क्8 तक ही फिलहाल उन्हें तैनाती दी गई है. फिलहाल इन गेस्ट टीचर्स के सामने छात्रों का सिलैबस पूरा कराने की चुनौती सामने है. जबकि, होम एग्जाम्स भी सिर पर हैं. इसके साथ ही एलटी में करीब ख् हजार शिक्षक नए मिले हैं. जिससे शिक्षा विभाग को काफी हद तक मदद मिलेगी.

ख् हजार शिक्षकों की अब भी कमी

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब भी करीब ख् हजार शिक्षकों की कमी है. शिक्षा विभाग ने अक्टूबर एंड और नवंबर शुरुआत तक एग्जाम कराने का आदेश दिया है. शिक्षक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने बताया कि नए क्700 एलटी शिक्षक और फ्क्फ्क् अतिथि प्रवक्ताओं से स्कूलों के हालात सुधरेंगे.