एक्सिस बैंक से धन की हेराफेरी में हैं आरोपित, सीजेएम कोर्ट में किया सरेंडर

सीजेएम ने खारिज की जमानत अर्जी, एडीजे ने मंजूर नहीं की अंतरिम जमानत

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PRAYAGRAJ: एक्सिस बैंक में फ्रॉड करके 22.40 करोड़ रुपये की हेराफेरी नामजद शुआट्स के वीसी राजेन्द्र बी लाल को सोमवार को जेल जाना ही पड़ गया. सीजेएम कोर्ट में उन्होंने सरेंडर किया और जमानत के लिए अर्जी लगायी लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत न देते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी. इसके बाद उनके साथ खड़ी वकीलों की फौज ने आदेश लेकर नयी पत्रावली तैयार की और एडीजे की कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी लगायी. यहां से उन्हें निराशा हाथ लगी और कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इंकार करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया. देर शाम उन्हें नैनी जेल में दाखिल करा दिया गया.

22.40 करोड़ की हेराफेरी हुई थी

एक्सिस बैंक में 22.40 करोड़ रुपए के फ्रॉड का मामला दो साल पहले सामने आया था. बैंक ने इंटरनल जांच करायी तो कई बैंक अधिकारी व कर्मचारियों का नाम सामने आया. पता चला कि रिजेक्टेड चेकों पर लाखों का भुगतान कर दिया गया है.एक्सिस बैंक की तरफ से रिपोर्ट दर्ज करायी गयी तो पुलिस ने भी विवेचना की. इसमें शुआटस के कुलपति समेत विनोद बी लाल, एकाउंटेंट व कई अन्य के नाम सामने आये. इन पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया था. इसी मामले में सरेंडर करने के लिए सोमवार की सुबह शुआट्स वीसी राजेन्द्र बी लाल सीजेएम कोर्ट पहुंचे थे. यहां कोर्ट ने जमानत अर्जी निरस्त करते हुए उन्हें जेल भेजे आने का आदेश दिया.

दिन में ही दाखिल हुई दूसरी अर्जी

हाई कोर्ट के आदेश पर सरेंडर करने वाले आरबी लाल की जमानत अर्जी एक कोर्ट से अर्जी निरस्त हुई तो वकीलों ने तत्काल दूसरी पत्रावली तैयार की और अंतरिम जमानत अर्जी की याचिका अपर जिला जज आरएमएन मिश्रा की कोर्ट में दाखिल कर दी. अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चन्द्र अग्रहरि के प्रबल विरोध को सुनने के बाद अपर जिला जज ने अर्जी खारिज कर दी.

क्या था पूरा मामला

सिविल लाइन थाने में एक मार्च 2013 से 30 नवम्बर 2016 के बीच खाते से धन की हेराफेरी का मामला दर्ज कराया गया

घटित घटना की जांच के दौरान एक्सिस बैंक के नौ अफसरों के साथ शुआट्स के नौ जिम्मेदारों की मिलीभगत सामने आयी

जांच में उजागर हुआ कि आरोपित ने चेक काटे और उसे फाड़कर फेंक दिया जबकि उसी चेक नंबर पर फोन करके बैंक से रकम निकाल ली गयी

शुआटस ने अपनी इंटरनल जांच में भी कई लोगों को जिम्मेदार पाया था

नामजद आरोपितों ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की गई.

हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपित को निर्देशित किया कि ट्रायल कोर्ट में 15 अप्रैल तक उपस्थित होकर अपनी याचिका पेश करें तथा दो दिन पूर्व अभियोजन को उसकी सूचना दे.

जेल गए लाल, चेहरे पर छाई मायूसी

सेशन से अंतरिम जमानत खारिज होने के बाद वाइस चांसलर राजेन्द्र बी लाल को नैनी जेल रवाना किया गया. इस दौरान अभियुक्त के तमाम समर्थक व चहेते कोर्ट में व जिला न्यायालय परिसर में मौजूद रहे. दोपहर के पहले जहां समर्थकों के चेहरों पर खुशी के भाव थे. कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद समर्थकों की सारी खुशी काफूर हो गई. बताया जाता है कि कोर्ट प्रिमाइस से वह सरकारी वाहन से ही जेल के लिए निकले लेकिन रास्ते में वाहन बदल गया.