प्रधानमंत्री के संदेश के बाद पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और परचून तक की दुकानों से लौटाई गई पब्लिक

सौ का नोट देने वाले एटीएम पर आधी रात तक लगी लम्बी लाइन

मोबाइल रिचार्ज तक से किया दुकानदारों ने इंकार, हड़कंप की स्थिति

ALLAHABAD: एक झटके में शहर की सूरत बदल गई। मार्केट में सन्नाटा पसर गया। दुकानदार सिर्फ उन्हीं को कोई सामान देने को तैयार थे जिनके पास सौ या पचास का नोट था। इसके अलावा वह किसी से कोई बात करने को तैयार नहीं थे। पेट्रोल पम्प पर सीधे डील हो रही थी। पांच सौ का नोट है तो पूरे पैसे का तेल डलवाना पड़ेगा। मेडिकल स्टोर पर मरीजों के परिजन गिडगिड़ाते दिखे। आनन फानन में पैसा जमा करने वाली मशीनो पर लम्बी लाइन लग गई। एटीएम से पैसा निकालने के लिए पहुंचे लोग एक बार में सिर्फ चार सौ रुपए का ट्रांजेक्शन करने लगे। गली-नुक्कड़ से लेकर चौराहे तक दुकानों पर यह सब्जेक्ट डिस्कशन ऑफ द डे बन गया।

सौ के नोट वालों को मिलेगा तेल

यह नजारा रात साढ़े नौ बजे का धोबी घाट पेट्रोल पंप का है। लाइन में पेट्रोल और डीजल लेने के लिए लगे लोगों को वेंडर की फटकार सुननी पड़ रही थी। उसका कहना था कि पांच सौ और हजार के नोट बैन हो गए हैं इसलिए सौ रुपए की करेंसी में ही भुगतान करे। यह सुनकर पब्लिक का पारा गर्म हो गया और झगड़े की नौबत आ गई। ऐसे में जिनके पास सौ और पचास की नोट थी उन्होंने फटाफट ईधन लेने में जल्दीबाजी दिखाई। यह हाल शहर के दूसरे पेट्रोल पंपों का भी रहा।

मेडिकल स्टोर्स में नहीं मिली दवा

एसआरएन हॉस्पिटल, मेडिकल चौराहा, बालसन चौराहा समेत शहर के कई हिस्सों में स्थिति मेडिकल स्टोर्स में दवाओं के लिए लोग भटकते रहे। जिनके पास बड़े नोट थे उन्हें दवा देने में मेडिकल स्टोर्स ने दिलचस्पी नही दिखाई। यहां पर भी सौ, पचास और दस रुपए के नोट की मांग की जा रही थी। शहर के इक्का-दुक्का मेडिकल स्टोर्स ने ही केंद्र सरकार के 72 घंटे की राहत के मैसेज को समझते हुए नोट लेने में सहमति जताई।

हॉस्पिटल्स में ऊहापोह की स्थिति

शहर के तमाम बड़े हॉस्पिटल्स में इलाज करा रहे लोगों को प्रधानमंत्री के इस निर्णय से तगड़ा झटका लगा। काउंटर पर पेमेंट करने पहुंचे मरीज के परिजनों को तत्काल वापस कर दिया गया। उनसे सौ और पचास रुपए के नोट की मांग की जाती रही। कई जगह पर अनमने मन से बड़े नोट लिए जरूर गए लेकिन इससे पहले लंबी बहस का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों में भी इस स्थिति को लेकर चिंता की स्थिति बनी रही।

मार्केट में लगे ताले, कई एटीएम बंद

सिविल लाइंस मार्केट रोजाना रात नौ बजे परवान चढ़ती थी लेकिन मंगलवार की रात यहां पर वीरानगी छा गई। पीएम के संदेश के बाद खरीदारों ने घर जाने में भलाई समझी तो दुकान मालिकों ने ताला लगा दिया। खासकर ज्वैलरी शॉप और रेस्टोरेंट्स में भी सन्नाटा छा गया। लोगों ने अपनी पाकेट में रखे हजार और पांच सौ के नोटों को बाहर न निकालने में ही भलाई समझी। इसी तरह चौक, कटरा, मुट्ठीगंज में भी मार्केट में सन्नाटा पसरा रहा।

परचून की दुकानों ने बैरंग लौटाया

सिविल लाइंस समेत शहर के दूसरे हिस्सों में परचून और मोबाइल रिचार्ज की दुकानों से भी लोगों को बैरंग लौटाया जाने लगा। देर रात तक लोग तेल, चावल और आटे के लिए दुकानदार के आगे गिड़गिड़ाते नजर आए। लेकिन उनकी नही सुनी गई। इसी तरह मोबाइल रिचार्ज की दुकानों में भी लोग बैरंग लौटे। बड़ी नोट को देखकर लोगों के चेहरे पर बारह बजे हुए थे।

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शुरू हो गई ब्लैकमेलिंग

हजार और पांच सौ की नोट के लिए 72 घंटे की राहत का मैसेज जिसे समझ में आया वह इसका लाभ लेने में लगा रहा। पेट्रोल पंप और दूसरी कई दुकानों में पूरे पांच सौ और हजार रुपए का सामान लेने की शर्त लगा दी गई थी। कहा गया कि फुटकर नही देंगे। अगर सामान लेना है तो पूरी नोट का लो। मजबूरी में लोगों को पांच सौ और हजार रुपए की नोट पूरी खर्च करनी पड़ी।