-आधे शहर में हो रही दूषित पेयजल आपूर्ति दर्जनों मुहल्लों का जल दूषित

-पीने के पानी में मिलकर घरों तक सीवर का पानी

varanasi

पीएम मोदी बनारस को स्मार्ट बनाना चाहते है. हकीकत यह है कि इस शहर में लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा. आधे से ज्यादा घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है. इसके चलते बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. हर दिन इस बाबत शिकायत जलकल के पास पहुंचती है लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता. घरों में जब भी नल से पानी गिरता है तो उसमें सीवर का गंदा और बदबूदार पानी होता है.

इन इलाकों में ज्यादा परेशानी

चौक,

जैतपुरा,

गायघाट,

अस्सी,

भदैनी,

खोजवां

लक्सा

कमच्छा

अलईपुर

नगवां

कोनिया

पीलीकोठी

बड़ी पियरी

बढ़ रही परेशानी

पेयजल के नाम पर लोग सीवर का गंदा और बदबूदार पानी पीने करने को मजबूर है. जो रुपयों का जुगाड़ कर सकते थे उन्होंने घर में बोरिंग करा ली. लेकिन जो पानी के लिए सिर्फ सरकारी नल पर निर्भर हैं उन्हें यही गंदा पानी पीना पड़ रहा है. शहर के लोगों का कहना है कि चार-पांच साल से दूषित पेयजल सप्लाई की समस्या बढ़ गयी है. पाइप लाइन से आने वाला सप्लाई का पानी पीना तो दूर हाथ धोने लायक भी नहीं है. सुबह छह बजे के बाद से पानी दूषित हो जाता है, जो रात 12 बजे तक रहता है.

ध्वस्त है पाइप लाइन

-अंग्रेजों के जमाने में बिछायी गयी पाइप लाइन से आज भी पेयजल की सप्लाई होती है.

-पक्के महाल के आलावा लंका, अस्सी, भदैनी, सोनारपुरा में ब्रिटिशकाल में ही पाइप लाइन डाली गई थी.

- 1827 में जेम्स प्रिंसेप ने शहर में वाटर और सीवर पाइप लाइन डलवाया था.

- 535 मीटर लंबी पेयजल पाइप लाइन बिछाई गई थी ब्रिटिश शासन काल में बनारस में .

-276 मिलियन लीटर पानी की डिमांड है डेली शहर में.

-230 मिलियन लीटर हो रही सप्लाई रोजाना

- 45 मिलियन लीटर पानी सप्लाई के दौरान पाइप लाइन डैमेज के चलते होता है वेस्ट

-2 लाख के लगभग कनेक्शन है शहर में

खुद को बचाइए

- पानी को हमेशा उबाल कर पीयें

- पानी का यूज करने से पहले उसमे क्लोरीन की गोली डाल लें

- अगर सम्भव हो सके तो वाटर प्यूरीफायर का यूज करें

- पानी का उबालने के बाद उसे ठंडा करके ही स्टोर करें

- नल में आने वाले पानी को सीधे यूज न करें

पब्लिक वर्जन

यह जलकल विभाग की नाकामी है कि पूरे मुहल्ले के लोग सीवर से मिला सप्लाई का पानी पीने को मजबूर है. यहां यह समस्या कई साल से है. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही.

पूरन यादव, जद्दूमण्डी

घर में सरकारी पाइन लाईन लगे 38 साल से ज्यादा हो गए. जब कनेक्शन लिया था तब तो पानी की सप्लाई अच्छी थी लेकिन चार साल से घर आने वाला पानी नाले का काला पानी होता है.

चुन्ना देवी, लक्ष्मी कुंड

साफ पानी का आने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है. सारा दिन महकता हुआ काला पानी आता है. क्षेत्र के पार्षद कहते हैं कि पूरे मोहल्ले के सीवर का पाइप फटकर सप्लाई के पाइप लाइन से जुड़ गया है.

पुष्पा, लक्सा

साफ पानी न आने से हैंडपंप से पानी लाकर काम चलाना पड़ता है. पीने के लिए आरओ वाटर यूज में लिया जा रहा है. दर्जनों बार शिकायत की गई लेकिन स्थिति ठीक होने के बजाए बिगड़ती जा रही है.

ओम गुप्ता, लक्ष्मीकुंड

पीने का साफ पानी हर घर तक पहुंचा चाहिए. मैं ऐसा नहीं कहता कि कहीं दूषित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. लेकिन कहीं से कोई शिकायत आएगी तो उसकी जांच कराकर समस्या को दूर किया जाएगा.

डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त