बीआरसी केंद्रों पर किया प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

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ALLAHABAD: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बौखलाए शिक्षा मित्रों ने शनिवार को डिस्ट्रिक्ट के सभी ब्लाक संसाधन केंद्र यानी बीआरसी पर धावा बोला. बीआरसी का ताला बंद कर जबर्दस्त प्रदर्शन किया. वहीं शासन स्तर से कोई निर्देश जारी न होने के बाद भी विभाग द्वारा समायोजित शिक्षकों का खाता सीज किए जाने पर शिक्षा मित्रों ने आक्रोश जताया. शहर में नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर शिक्षा मित्रों ने नारेबाजी की.

कई स्थानों पर किया विरोध प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ व आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने आंदोलन के राह को अपना लिया है. शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय के बाहर जहां शिक्षा मित्रों ने धरना प्रदर्शन किया. वहीं शनिवार को शिक्षा मित्रों ने बीआरसी केंद्रों पर हंगामा करते हुए नगर शिक्षाधिकारी कार्यालय पर भी विरोध जताया. शिक्षामित्रों ने सभा की और कहा कि सरकार अविलंब निर्णय ले.

ठोस निर्णय लेने की मांग

शिक्षा विभाग के अधिकारी खाता संचालन पर रोक लगा दिए जाने का विरोध किया गया. जिस पर शिक्षा मित्रों ने कहा कि जब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता शिक्षामित्रों का प्रदर्शन चलता रहेगा. विभिन्न बीआरसी में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वसीम अहमद, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी, महामंत्री जनार्दन पांडेय, महामंत्री अरुण कुमार सिंह, सुनील तिवारी, शिवपूजन सिंह मो. अख्तर, नौशाद अहमद, विनय पांडेय, मनीष टीटू, शमीम, शौकत, सुभाष यादव, मधुकर सरन, शशिप्रभा, दीपाली गुप्ता, ऊषा मिश्रा आदि मौजूद रहे.

शिक्षा मित्रों की मांग

प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर बनाए रखने के लिए आध्यादेश लाया जाए

सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल करे और उसके निर्णीत होने तक शिक्षामित्रों को समायोजित पद पर काम करने दिया जाए

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सरकार की चुप्पी साधने के कारण असामयिक काल के गाल में समाने वाले शिक्षामित्रों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए

शिक्षामित्रों की हो रही असामयिक मौत को रोकने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार आश्वासन दे की उनकी रोजी-रोटी नहीं छिनेगी