- 1902 करोड़ रुपए में बरेली शहर बनेगा स्मार्ट सिटी

- नीदरलैंड से आए मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर के हेड के साथ हुई मीटिंग

BAREILLY:

शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर निगम ने दस फंडे बताए हैं. जिसमें रोड डेवलपमेंट, ट्रैफिक, वॉटर बॉडी, एजुकेशन, मोबिलिटी से लेकर सस्टेनेबल प्रोजेक्ट तक शामिल हैं. खास बात यह है कि बरेली को स्मार्ट बनाने में नीदरलैंड भी मदद करेगा. मीटिंग में गवर्नमेंट ऑफ नीदरलैंड की ओर से मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर के हेड डेनियल ने भी शिरकत की. डेनियल ने 10 में 3 प्रोजेक्ट पर खुद काम करने पर सहमति जाहिर की.

स्मार्ट सिटी में दो तरह से होगा शहर का विकास:

1- पैन सिटी डेवलपमेंट- इसमें शहर के अंदर से लेकर आउटर एरिया में विकास कार्य होगा.

2-एरिया बेस्ड डेवलपमेंट- इसमें शहर के अंदर के हिस्से का विकास होगा

1- रोड डेवलपमेंट- एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत पेडेस्ट्रियन ट्रैक, साइकिल ट्रैक और बाइक ट्रैक बनाया जाएगा. यह सभी ट्रैक जंक्शन से चौपुला, चौपुला से मोती पार्क, कुतुबखाना से डेलापीर के पहले तक और कुतुबखाना से सर्किट हाउस चौराहा तक के बीच बनाए जाएंगे. इसके अलावा कुतुबखाना से कोतवाली तक नॉन मोटराइज ट्रैक बनाया जाने का भी प्रस्ताव शामिल है.

2- ट्रैफिक जंक्शन: पैन सिटी डेवलपमेंट के तहत शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर एक स्मार्ट पोल लगाया जाएगा, जो सीसीटीवी कैमरा व अन्य डिवाइसज से लैस होगा. इस सिस्टम के बन जाने से चौराहों को ट्रैफिक पुलिस मुक्त करना संभव होगा. ट्रैफिक सिग्नल लाइट से ट्रैफिक खुद चलेगा. नियमों को तोड़ने वाले वाहन की फोटो सीसीटीवी कैमरा क्लिक कर लेगा. जिसके आधार पर कमांड एंड कंट्रोल रूम ई-चालान काट कर संबंधित व्हीकल ओनर के घर सेंड कर देगा.

चार चौराहे का सौंदर्यीकरण

ट्रैफिक जंक्शन के तहत शहर के चार चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाना भी प्रस्तावित है. यह कार्य एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में होगा. फिलहाल, चौकी चौराहा, चौपुला, अयूब और सेटेलाइट चौराहे का विकास किया जाना प्रस्तावित है.

3: वॉटर बॉडीज- शहर के तीन तालाबों का चयन किया गया है, जिसमें संजय कम्युनिटी हॉल के पास स्थित तालाब, अक्षर विहार और डेलापीर तालाब को चुना गया है. इसमें से किसी एक पार्क का सौन्दर्यीकरण किया जाएगा. जिसमें पेडेस्ट्रियन ट्रैक, खूबसूरत लाइट, ग्रीनरी के अलावा बोटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी. ताकि लोग यहां जलविहार करने भी आ सकें. तालाब में सीवर का पानी आने से रोका जाएगा. फाउंटेन भी बनाया जाएगा.

4-डिसेंट्रलाइज्ड एसटीपी- शहर से निकलने वाले सभी नालों के पानी का शोधन करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा. फ‌र्स्ट स्टेप में शोधित इस पानी का इस्तेमाल खेतों की सिंचाई के लिए किया जा सकेगा. जबकि, सेकंड स्टेप में शोधित पानी का इस्तेमाल घर में कपड़े धुलने और तीसरे स्टेप में शुद्ध किए गए पानी का इस्तेमाल पेयजल के रूप में कर सकते हैं.

5- एजुकेशन- इस योजना के तहत बरेली के पारंपरिक उद्योग जरी जरदोजी को प्रमोट करने के लिए रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा. जरी जरदोजी के प्रोडक्ट को बेचने का भी मसौदा तैयार होगा. इसके अलावा एक डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी. यह एक ऐसा पोर्टल होगा, जहां देशभर की बुक्स पढ़ने को अवेलेबल होंगी.

6- ब्रांडिंग एंड मार्केटिंग इन इंटरनेशनल- इसके तहत बरेली के पारंपरिक उद्योग जरी जरदोजी को इंटरनेशनल मार्केट देने का काम किया जाएगा. ताकि, बरेली के जरी जरदोजी कारोबारियों को अपने सामान का सही मूल्य मिल सके. वह बिचौलियों के हाथों मुनाफा न गंवाएं. इस व्यवस्था में वह विदेशों तक सीधे अपना माल बेच सकेंगे.

7- मोबिलिटी ट्रांसपोर्ट- इस योजना के तहत शहर में हैवी व्हीकल्स की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी. इसके लिए पुराना बस अड्डा को शहर के बाहर शिफ्ट किए जाने की तैयारी है. सम्भवत: पुराना बस अड्डा परसाखेड़ा शिफ्ट हो सकता है. इसके अलावा शहर में मिनी बसें भी चलाए जाने की योजना है.

8- डक्ट प्रोजेक्ट : इस प्रोजेक्ट के तहत शहर की सड़कों के किनारे से एक ऐसी पाइप लाइन गुजारी जाएगी, जिसमें शहर की सभी फैसिलिटी बेस्ड चीजें गुजारी जाएंगी. जैसे, गैस की पाइप लाइन, टीवी नेटवर्क के केबल, पेयजल पाइप लाइन व दूरसंचार के तार होंगे. इसमें बिजली के तार नहीं जाएंगे. क्योंकि बिजली के तार के कभी भी शॉर्ट सर्कि ट होने का खतरा रहता है. डक्ट ऑपरेट कर रही कंपनी इसके लिए संबंधित विभाग से शुल्क भी लेगी. इसे पीपीपी मोड पर बनाया जाएगा.

9- इंनहैंड इकॉनमी - इस प्रोजेक्ट को नगर निगम ने स्मार्ट सिटी से अपनी इनकम के लिए बनाया है. इसका उद्देश्य यही है कि अब आगे से जो भी प्रोजेक्ट बनेगा वो ऐसा होना चाहिए जिससे नगर निगम की भी इनकम हो सके.

10- सस्टेनेबल प्रोजेक्ट - इस प्रोजेक्ट का मकसद है कि स्मार्ट सिटी में जो भी प्रोजेक्ट रन करें, उसका खर्च भी वह खुद निकाल सकें. ताकि, उन प्रोजेक्ट के रखरखाव और मरम्मत के लिए सरकारी धन जारी होने का इंतजार न करना पड़े. इस तरह से सभी प्रोजेक्ट लंबे समय तक खुद ब खुद रन कर सकेंगे.

डिसेंट्रलाइज्ड एसटीपी ,लेक और ब्रांडिंग एंड मार्केटिंग इन इंटरनेशनल के डेवलपमेंट में मदद नीदरलैंड की सरकार करेगी. गवर्नमेंट ऑफ नीदरलैंड की ओर से मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर के हेड डेनियल ने सभी 10 प्रोजेक्ट को सुनने समझने के बाद तीन बिन्दुओं पर खुद काम करने की सहमति जाहिर की. इस तरह अब बरेली के जरी जरदोजी को इंटरनेशनल मार्केट दिलाने का काम नीदरलैंड की सरकार करेगी.

हमने नीदरलैंड गवर्नमेंट के मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर के हेड डेनियल को बुलाया था. उनसे स्मार्ट सिटी के बारे में डिस्कशन किया. और उन्हें जो प्रोजेक्ट अच्छे लगे उन पर उन्होंने मदद की बात कही.

आरके श्रीवास्तव

नगर आयुक्त