- टेंडर के जाल में उलझीं कई योजनाएं, कई प्रोजेक्ट का काम धीमा

- पीएम के संसदीय क्षेत्र में भी काम से प्रति गंभीर नहीं हैं अधिकारी

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VARANASI

बनारस को स्मार्ट सिटी बनाने में नगर निगम के अफसरों की सुस्ती भारी पड़ रही है. इस दिशा में हो रहे काम की गति काफी धीमी है. कई योजनाओं के टेंडर तक फाइनल नहीं हो सके हैं. ऐसे में तय समय पर प्रोजेक्ट को पूरा करना मुश्किल दिख रहा है. आए दिन समीक्षा बैठकें हो रही हैं. लेकिन बड़ी योजनाएं गति नहीं पकड़ पा रही हैं. यह स्थिति तब है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते पीएमओ लगातार फीडबैक लेता रहता है. लेकिन अफसर अपनी गति से ही काम कर रहे हैं. लम्बी कवायद के बाद काशी कमांड सेंटर का काम अब शुरू हुआ. वहीं, ट्रैफिक मूवमेंट के हिसाब से आठ चौराहों को डेवलप करने और गोदौलिया में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का काम शुरू भी नहीं हो सका. तमाम बड़े प्रोजेक्ट का यही हाल है. स्मार्ट सिटी के तमाम बड़े प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनका मार्च में ही टेंडर हो चुका है. लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया.

कंट्रोल रूम का काम धीमा

सिगरा स्थित शहीद उद्यान में 154.94 करोड़ की लागत से बन रहे काशी कमांड एंड कंट्रोल रूम का काम बेहद धीमा है. कार्यदायी संस्था शापूरजी पोलानजी कम्पनी ने करीब एक हफ्ते पहले काम शुरू किया. जबकि दिसम्बर में सेंटर का निर्माण पूरा होना है.

काम की गति धीमी

निगम के मुख्य भवन के पास 140 करोड़ की लागत से कन्वेंशन सेंटर 'रुद्राक्ष' के निर्माण का भी यही हाल है. यह प्रोजेक्ट तस समय सीमा में पूरा हो पाएगा इस पर संदेह है.

कब सजेंगे पार्क?

गुलाब पार्क, मच्छोदरी पार्क, रवीन्द्रपुरी पार्क और शास्त्री पार्क को करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से थीम बेस्ड डेवलप किया जाना है. सिर्फ गुलाब बाग में ही काम शुरू हो सका है. इस प्रोजेक्ट को भी दिसम्बर तक पूरा करना है.

बदहाल हैं चौराहे

कैंट, इंग्लिशिया लाइन, अंधरापुल, चौकाघाट, नदेसर, कचहरी, पुलिस लाइन व पांडेयपुर चौराहों को ट्रैफिक मूवमेंट के हिसाब से डेवलप करना बड़ा प्रोजेक्ट है. इसकी लागत 20.39 करोड़ रुपये है.

अटकी मल्टीलेवल पार्किग

गोदौलिया में प्रस्तावित साढ़े दस करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण भी टेंडर होने के बाद अटक गया है.

टेंडर में फंसा पेंच

84 गंगा घाटों पर करीब 11 करोड़ की लागत से 'फसाड वर्क' यानी सुंदरीकरण समेत अन्य कार्य होने हैं. लेकिन अब तक इसके टेंडर में पेच फंसा हुआ है. जबकि काम पूरा होने का समय 31 दिसम्बर है.

अभी बन रही डीपीआर

मंदाकिनी कुंड का सुंदरीकरण, फेज-2 में आठ चौराहों का डेवलपमेंट (रोड जंक्शन), बेनियाबाग में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का निर्माण, पांच ओवरहेड टैंक्स पर लोकल म्यूरल उकेरना, टाउनहॉल में सिटी सेंटर और सम्पूर्णानंद स्पोर्टस स्टेडियम का री डेवलपमेंट ऐसे काम हैं, जिनकी फिलहाल डीपीआर तैयार हो रही है. इन कार्यो की शुरुआत कब होगी. यह बताने वाला कोई नहीं है.

- 300 करोड़ के तीन प्रोजेक्टस का काम धीमा

- 42 करोड़ के प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं

- 6 प्रोजेक्ट की अभी बन रही डीपीआर

- 31 दिसम्बर तक पूरे होने हैं प्रोजेक्ट

स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे होंगे. इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है. अगर कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही की शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी.

डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त व सीईओ स्मार्ट सिटी

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