- चौराहों को ट्रैफिक मूवमेंट के हिसाब से डिजाइन करने का वर्क काफी धीमा

- मई में पुलिस लाइन चौराहे से शुरू हुआ था काम, लेकिन अब तक पहले जैसे हालत

varanasi@inext.co.in

VARANASI

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यो में खास प्रगति नहीं दिख रही है. यही कारण है कि तमाम कार्यो की तारीख दर तारीख बढ़ती चली जा रही है. शहर के आठ चौराहों को ट्रैफिक मूवमेंट के हिसाब से डिजाइन करने का काम मई में शुरू हुआ था, लेकिन तीन महीना बीतने के बाद भी इसमें कोई खास प्रगति नहीं दिखी. शुक्रवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के रियलिटी चेक में सामने आया कि सभी चौराहे पहले जैसी हालत में ही हैं. यहां प्रोजेक्ट के तहत निर्धारित बिन्दुओं पर एक भी काम नहीं हुआ.

सीन 01: इंग्लिशिया लाइन चौराहा

कम स्पेश वाला इंग्लिशिया लाइन चौराहा हमेशा जाम की चपेट में रहता है. चौराहे पर ट्रैफिक लोड भी काफी है. अगर प्रोजेक्ट के तहत यहां काम होता तो शायद प्रॉब्लम दूर हो सकती थी.

सीन 02: कैंट स्टेशन चौराहा

कैंट रेलवे स्टेशन चौराहे से भारी वाहनों का आवागमन होता रहता है. प्रोजेक्ट के तहत इस चौराहे पर प्राथमिकता के आधार पर काम करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

सीन 03: अंधरापुल चौराहा

अंधरापुल चौराहा अपेक्षाकृत चौड़ा है, लेकिन अगर जाम लग जाए तो निकलना मुश्किल हो जाता है. इस चौराहे का कार्यदायी संस्था ने सर्वे तक नहीं किया.

सीन 04: चौकाघाट चौराहा

फ‌र्स्ट फेज में पुलिस लाइन के साथ चौकाघाट चौराहे पर काम होना था, लेकिन संस्था सिर्फ एक जगह ही सीमित रह गई. ऐसे में चौराहे की हालत जस की तस है.

चौराहों पर होने हैं कई काम

दरअसल, अप्रैल में शहर के आठ चौराहों को ट्रैफिक मूवमेंट के हिसाब से डिजाइन करने की कार्ययोजना तैयार हो गई. नई दिल्ली की आईयूटी ने इसका खाका खींचा, लेकिन टेंडर का पेंच फंसने की वजह से मई के दूसरे पखवारे में काम शुरू हो पाया. प्रोजेक्ट के तहत चौराहों पर लाइटिंग, ट्रैफिक सिग्नल, सीसी कैमरा लगाने, सड़कों का चौड़ीकरण, रेडियम युक्त डिवाइडर, साइनेज बोर्ड समेत कई कार्य होने थे. पुलिस लाइन चौराहे से कार्यदायी संस्था ने काम शुरू जरूर किया, लेकिन कोई प्रगति नहीं दिखी.

30 अगस्त तक काम करना था पूरा

फ‌र्स्ट फेज में शहर के ज्यादा ट्रैफिक लोड वाले इंग्लिशिया लाइन, कैंट स्टेशन, अंधरापुल, चौकाघाट, नदेसर, कचहरी, पुलिस लाइन व पांडेयपुर चौराहे का चयन किया गया था. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यह पहला इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्क था. इसमें पुलिस लाइन और चौकाघाट चौराहे पर 30 अगस्त तक काम पूरा कर लेना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही से काम काफी धीमा चल रहा है. पुलिस लाइन चौराहे पर निर्धारित बिन्दुओं पर एक भी काम पूरा नहीं किया गया.

एक नजर

- 08 चौराहों पर फ‌र्स्ट फेज में होना था काम

- 13 करोड़ से ज्यादा है काम की लागत

- 31 दिसम्बर तक है काम पूरा होने का समय

चौराहों को ट्रैफिक मूवमेंट से डिजाइन करने का काम चल रहा है. कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय में काम पूरा करने को कहा गया है. अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई होगी.

आरसी सिंह, संयुक्त नगर आयुक्त (प्रथम)