क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रांची स्मार्ट सिटी का उद्घाटन हुए एक साल पूरा हो गया है. 9 सितंबर 2017 को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने स्मार्ट सिटी का शिलान्यास किया था. सबसे ताज्जुब की बात है कि इस एक साल में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए स्मार्ट सिटी का विकास कागजों पर ही दौड़ रहा है. अब तक एक साल में स्मार्ट सिटी क्षेत्र में कोई भी काम शुरू नहीं हो पाया है. सिर्फ डीपीआर ही तैयार की जा रही है. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट जमीन पर कब उतरेगा. इसके बारे में इससे जुड़े हुए लोग भी कुछ बताने को तैयार नहीं हैं.

सीईओ दे चुके हैं इस्तीफ ा

रांची स्मार्ट सिटी में विकास का काम भले ही कुछ शुरू नहीं हुआ है, लेकिन काम बाधित जरूर हो रहा है. स्मार्ट सिटी के लिए जिस सीईओ यतीन कुमार सुमन का चयन किया गया था, उन्होंने अधिकारियों की अनदेखी और काम में बाधा आने के कारण अपना पद से इस्तीफा चार महीने पहले ही दे दिया हैं. इसके बाद से आईएस अधिकारी आशीष सिंहमार स्मार्ट सिटी के प्रभारी सीईओ के रूप में काम कर रहे हैं.

करोड़ों रुपए पड़े हैं अकाउंट में

स्मार्ट सिटी के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए हर साल 100 करोड़ रुपए राज्य सरकार और 100 करोड़ रुपए केंद्र सरकार दे रही. अगले पांच साल तक हर साल यह पैसा दिया जाएगा. पहले फेज में 200 करोड़ रुपए मिल भी चुके हैं. लेकिन जमीन पर कोई भी काम शुरू नहीं हो पाया है. करोड़ों रुपए स्मार्ट सिटी के अकाउंट में ही पड़े हुए हैं. बस कुछ पैसा डीपीआर बनाने वाली कंपनियों को और स्टाफ पर खर्च हो रहा है. बाकी निर्माण पर कोई भी खर्च अभी शुरू नहीं हो पाई है.

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क्या है स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट

स्मार्ट सिटी का निर्माण एचईसी इलाके में 666 एकड़ एरिया में होगा. रांची स्मार्ट सिटी में 1.50 लाख लोग रहेंगे. इनमें वे लोग शामिल हैं, जो वहां रहकर काम करेंगे, निवास करेंगे या आना-जाना करेंगे. रांची स्मार्ट सिटी में तीन कैटगरी में लोग रहेंगे. लोअर डेंसिटी में 50 से 200 लोग प्रति एकड़ में, मीडियम डेंसिटी में 201 से 400 लोग प्रति एकड़ तथा हाइ डेंसिटी में 401 से 800 लोग प्रति एकड़ में रहेंगे. स्मार्ट सिटी के आवासीय परिसर में 69270 लोग रहेंगे. चार मुख्य प्रवेश द्वार होंगे. एक प्रवेश द्वार हटिया रेलवे स्टेशन से 0.5 किमी दूरी पर होगा और एयरपोर्ट दो किमी की दूरी पर.

ये सुविधाएं होंगी

यहां रिबूस्ट आइटी कनेक्टिविटी एंड डिजिटाइजेशन, सोलर जेनरेट इलेक्ट्रिसिटी, डक केबलिंग, वेस्ट वाटर रिसाइक्लिंग, स्मार्ट मीटरिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, एनर्जी एफि सिएंट स्ट्रीट लाइटिंग, सेफ्टी एंड सिक्यूरिटी फ ॉर सिटीजन, वाल्काबिलिटी एंड साइक्लिंग, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, नो व्हीकल जोन, इंटेलीजेंट ट्रैफि क मैनेजमेंट, सेनिटेशन, पेडेस्ट्रीयन पाथ वे, रिवर फ ्रंट, पार्क और ओपन स्पेस की सुविधा होगी. सभी जगह सीसीटीवी के सर्विलांस में होंगे. यहां हाइ क्वालिटी की लाइफ होगी. जिसमें बिजनेस, रियल इस्टेट, हेल्थ, एजुकेशन से लेकर हाउसिंग तक की व्यवस्था होगी.

साइकिल शेयरिंग की बढ़ रही डेट

रांची स्मार्ट सिटी में चयन होने के बाद सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू होने वाली है साइकिल शेयरिंग. इसकीशुरुआत के लिए अप्रैल 2018 की डेडलाइन तय थी. लेकिन अब सितंबर महीने होने को है अब तक इस प्रोजेक्ट का कोई अता-पता नहीं चल रहा है. कोई सुगबुगाहट भी नहीं है. ऐसी भी सूचना आ रही थी कि विभागीय सचिव ने कहा है कि रांची शहर में सड़कों की चौड़ाई बहुत कम है और गाडि़यों की संख्या बहुत अधिक. ऐसे में साइकिल के लिए जगह कहां उपलब्ध होगी. इसके बाद से यह प्रोजेक्ट भी शिथिल चल रहा है.