- हाईटेक मशीनों से होगी शहर की 22 किमी. की रोड की सफाई

- जल्द ही प्रमुख बाजारों की रोड को भी किया जाएगा शामिल, टेंडर जल्द

- 22 किमी की सड़कों का किया गया चयन

- टेंडर के जरिए होगा सर्विस प्रोवाइडर का चयन

- सफाई के साथ सड़कों पर पानी का छिड़काव भी करना होगा

- सड़क के किनारों पर झाडि़यां साफ करने की भी जिम्मेदारी

- सड़कों के किनारे बनी नालियों को साफ करना होगा

- फुटपाथ को क्लीन रखने की भी होगी जिम्मेदारी

- प्रति किलोमीटर के हिसाब से होगा भुगतान

- साप्ताहिक या 30 दिन के हिसाब से होगा पेमेंट

- निगम की ओर से मशीनों के मेंटीनेंस, खरीद का कोई भुगतान नहीं होगा

abhishekmishra@inext.co.in

LUCKNOW: शहर को स्वच्छता की पटरी पर लाने और स्मार्ट बनाने के लिए निगम की ओर से अब सर्विस प्रोवाइडर की तरफ कदम आगे बढ़ाए गए हैं. निगम की ओर से सर्विस प्रोवाइडर की मदद से प्रमुख सड़कों पर मैकेनिकल वार (मशीनों से सफाई) किया जाएगा. जिससे प्रमुख सड़कें चमचमा उठें. इतना ही नहीं, जल्द ही इस कवायद में प्रमुख बाजारों की सड़कों को भी शामिल किया जाएगा. निगम की ओर से इस संबंध में आरएफटी तैयार कर ली गई है. जल्द ही टेंडर फ्लो किए जाएंगे.

ये होंगे काम

ये है प्रोजेक्ट

जानकारी के अनुसार, निगम ने नई व्यवस्था के लिए शहर की 22 किमी की सड़कों का चयन किया है. इन सड़कों की सफाई मशीन से कराई जाएगी. ये मशीनें निगम की ओर से मुहैया नहीं कराई जाएंगी बल्कि ऐसे सर्विस प्रोवाइडरों को सामने लाने की कवायद की जाएगी, जो खुद की मशीनें लगाकर सड़कों की सफाई करें. इतना ही नहीं, चयनित होने वाले सर्विस प्रोवाइडर को सफाई के साथ-साथ सड़कों पर पानी का छिड़काव, सड़क या उसके किनारों पर उगने वाली झाडि़यां साफ करना, सड़कों के किनारे बनी नालियों को साफ करना, फुटपाथ को क्लीन करना आदि जिम्मेदारी भी उठानी होगी.

प्रति किमी के हिसाब से भुगतान

यह तो स्पष्ट है कि टेंडर के माध्यम से सर्विस प्रोवाइडर का चयन किया जाना है. जो भी सर्विस प्रोवाइडर चयनित होगा. उसे निगम की ओर से प्रति किमी के हिसाब से भुगतान किया जाएगा. यह भुगतान साप्ताहिक या फिर 30 दिन के आधार पर किया जाएगा. टेंडर में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि सर्विस प्रोवाइडर को ही मशीनों के मेंटीनेंस आदि पर खर्च करना होगा. निगम की ओर से मशीनों के मेंटीनेंस या मशीनों की खरीद में एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया जाएगा.

इंदौर-चंडीगढ़ की तर्ज पर

निगम की ओर से यह कदम इंदौर और चंडीगढ़ की तर्ज पर उठाया जा रहा है. इन शहरों में पहले से ही सर्विस प्रोवाइडर की व्यवस्था लागू है और इसका अच्छा रिस्पांस भी आया है. इसे ध्यान में रखते हुए ही निगम की ओर से यह कवायद की गई है. इसके साथ ही निगम की ओर से आसपास के शहरों में चल रहे सफाई अभियान के बाबत भी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है.

ये सड़कें चयनित

जानकारी के अनुसार, निगम की ओर से मैकेनिकल वार के लिए वैसे तो 22 किमी की सड़कों का चयन किया गया है लेकिन अगले चरण में पूरे शहर को खासकर प्रमुख मार्केट्स को भी कवर करने की तैयारी है. हालांकि मार्केट एरिया में मैनुअल सफाई होगी. इसके लिए भी सर्विस प्रोवाइडर की मदद ली जाएगी.

चयनित रोड

1-कानपुर रोड (एयरपोर्ट के पास)

2-शहीद पथ

3-लोहिया पथ

4-विधानसभा मार्ग

5-पॉलीटेक्निक

इसलिए उठाया कदम

दरअसल में इस कदम को उठाने की वजह यह बताई जा रही है कि प्रमुख मार्गो पर दिन भर सफाई कायम रखना चुनौती से कम नहीं है. निगम कर्मी सुबह तो सफाई करते हैं लेकिन दोपहर होते-होते स्थिति जस की तस हो जाती है. ऐसे में जब वीआईपी या वीवीआईपी मूवमेंट होता है तो निगम की छवि धूमिल होती है.

बाक्स

इस दिशा में काम तेज

जानकारी सामने आई है कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत ही डालीगंज मुख्य मार्ग को स्मार्ट बनाए जाने की भी तैयारी शुरू हो गई है. साथ ही मॉडर्न कंट्रोल रूम स्थापित करने का काम भी शुरू हो गया है. जल्द ही दोनों बिंदुओं का काम पूरा कर लिया जाएगा.

वर्जन

यह बात सही है कि इंदौर-चंडीगढ़ जैसे शहरों की तर्ज पर राजधानी में भी प्रमुख मार्गो की सफाई के लिए सर्विस प्रोवाइडर की मदद ली जाएगी. इस बाबत जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा. अगले चरण में प्रमुख बाजारों की सड़कों को भी शामिल किया जाएगा.

- डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त