RANCHI: राजधानी में जगह-जगह पुराने खंभों को हटाकर स्मार्ट पोल लगाए जाएंगे। इनमें से प्रत्येक स्मार्ट पोल 19 तरह की डिजिटल और तकनीकी सेवाएं आमलोगों को मुहैया कराएगा। भोपाल की तर्ज पर यह सुविधा रांची के लोगों को देने की तैयारी की जा रही है। ये सभी स्मार्ट पोल ऑटोमेशन के जरिए सूचना तकनीक से संचालित होंगे। इन स्मार्ट पोल्स में आवश्यक तौर पर सेंसर लगे होंगे जिनमें किसी भी तरह का विज्ञापन, कट आउट, बैनर पोस्टर लगाना मुश्किल होगा।

क्या है प्लान, कैसे होंगे पोल

हर स्मार्ट पोल में इलेक्ट्रिक गाडि़यों के लिए चार्जिंग प्वाइंट्स होंगे। अब सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर आप वाहनों को चार्ज कर सकते हैं। इन सभी में इनवॉयरमेंटल सेंसर लगे होंगे, जो उस इलाके में पॉल्यूशन की स्थिति को पल-पल रिकॉर्ड करेंगे। ये सेंसर वायु की गुणवत्ता, तापमान, आर्द्रता भी मापेंगे।

हर स्मार्ट पोल देगा वाई-फाई सुविधा

स्मार्ट पोल में वाई-फाई की सुविधा देने वाले उपकरण भी लगे होंगे। इससे उसके दायरे में इंटरनेट की सुविधा हासिल की जा सकेगी। इन स्मार्ट पोल का उपयोग दूरसंचार या मोबाइल टावर के रूप में भी किया जाएगा। ऑनलाइन संचालित होने वाले एलईडी स्ट्रीट लाइट भी इन स्मार्ट पोलों पर लगाए जाएंगे।

स्मार्ट सिटी से होगी शुरुआत

एचईसी स्थित स्मार्ट सिटी परिसर में जल्दी ही मॉडल के तौर पर कुछ स्मार्ट पोल लगाए जाएंगे। सफल होने पर इसका प्रोडक्शन स्टेट में शुरू किया जा सके, इसके लिए निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। पीपीपी मोड पर शहरों में इनका निर्माण किया जाएगा। इसके फाइनांस और ऑपरेशन में प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी कराई जाएगी।

बनी हाईपावर कमेटी, बनाएगी नीति

झारखंड में स्मार्ट पोल लगाने, संचालन करने और उसमें निवेश के लिए राज्य सरकार नीति बनाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है। नगरीय प्रशासन निदेशक को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। विभाग की उप सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा समिति की सदस्य हैं। अन्य सदस्यों में राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप निदेशक , रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के तकनीकी महाप्रबंधक और रांची नगर निगम के उप नगर आयुक्त हैं।