- वर्ष 2018 में शासन की ओर से स्मार्ट और प्रीपेड मीटर लगाने का आदेश जारी किया था आदेश

- एक साल बाद भी विभाग ने नहीं भेजा शासन को प्रस्ताव

बरेली : स्मार्ट और प्रीपेड बिजली मीटर इस साल भी लगने की उम्मीद नहीं है। वजह है कि मीटर लगाने की डेट लाइन बीते करीब एक साल हो गया, लेकिन विभाग ने अब तक मुख्यालय को मीटर की डिमांड तक नहीं भेजी है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस साल स्मार्ट और प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा।

अप्रैल 2018 तक लगने थे मीटर

वर्ष 2017 के अंत में उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन ने शासन को उदय योजना के तहत शहरी क्षेत्र में स्मार्ट और प्रीपेड मीटर लगाने का प्रस्ताव भेजा जिसको शासन ने मंजूरी दे दी। कॉरपोरेशन की ओर से बिजली विभाग को आदेश जारी कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया था, लेकिन अब तक प्रस्ताव ही नहीं भेजा गया। जबकि मीटर लगाने के लिए अप्रैल 2018 तक का समय दिया गया था।

पहले सरकारी विभाग लगने थे

सरकारी विभागों पर बिजली का करोड़ों रुपए बकाया है। बार-बार नोटिस देने के बाद सरकारी विभाग भुगतान नहीं करते हैं। इसके चलते सबसे पहले सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर लगाए जाने थे। जिससे सरकारी विभागों के बकाया बढ़ते बोझ को रोका जा सके।

कैसे काम करेंगे स्मार्ट, प्रीपेड मीटर

प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की तर्ज पर तैयार किया गया है। जिस प्रकार मोबाइल में जितने का रिचार्ज होगा उतनी ही बात हो सकेगी ऐसे ही प्रीपेड मीटर में उपभोक्ता जितने रुपये का रिचार्ज कराएंगे उतने ही यूनिट बिजली जला सकेंगे। रिचार्ज खत्म होने के एक दिन पहले मोबाइल पर मैसेज आएगा अगर इस दौरान रिचार्ज नहीं कराया तो बिजली आपूर्ति कट हो जाएगी। स्मार्ट वहीं स्मार्ट मीटर में एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर लगाया जाएगा जिसे उपभोक्ता के मोबाइल से जोड़ा जाएगा और यह विभाग के सर्वर भी जुड़ा रहेगा, जिससे मीटर रीडिंग के लिए घर-घर जाने की जरूरत नहीं होगी।

विभाग का तर्क, कंपनी ने नहीं दिया साथ

इस साल स्मार्ट और प्रीपेड मीटर न लग पाने का मलाल विभागीय अधिकारियों को नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रीपेड मीटर बनाने का प्रस्ताव जिस कंपनी को दिया गया था वह मीटर ट्रायल में विफल रहा। जिस कारण शासन से बजट की मांग नहीं की गई।

वर्जन ::

स्मार्ट और प्रीपेड मीटर के लिए प्रस्ताव कंपनी की खामी की वजह से शासन को नहीं भेजा गया था। लेकिन इस वर्ष प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा। स्मार्ट और प्रीपेड मीटर लगने से सबसे ज्यादा फायदा आम जन को होगा।

एसके सक्सेना, चीफ इंजीनियर।