-झारखंड से बरेली ड्रग की करा रहा था सप्लाई

BAREILLY: झारखंड का ड्रग माफिया मिथुन डांगी क्राइम ब्रांच के हत्थे आसानी से नहीं चढ़ा है. वह तो अपने साले व साथी को छुड़ाने के लिए बरेली आया था. बरेली आने के दौरान ही वह अफीम भी लेकर आया लेकिन क्राइम ब्रांच को भनक लग गई और उसे पकड़ लिया. वह कई महीनों से बरेली में ड्रग की सप्लाई कर रहा था. बरेली से उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली व अन्य एरिया में ड्रग की सप्लाई होती है. क्राइम ब्रांच ने मिथुन के साथ आरिफ को पकड़ा था. थर्सडे को दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया. क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ ने भी मिथुन के साथियों को पकड़ा था.

13 जुलाई को सबसे पहले पकड़ा

बता दें कि क्राइम ब्रांच ने 13 जुलाई को आंवला में ड्रग तस्करी का भांडाफोड़ किया था. पुलिस ने इस मामले में रिटायर्ड फौजी महेंद्र पाल गंगवार, तेजपाल उर्फ तेजू, बसंत कुमार और सर्राफ दिलीप अग्रवाल को गिरफ्तार किया था. तस्करों के पास से 83 लाख रुपए कीमत की 8 किलो 300 ग्राम अफीम बरामद हुई थी. झारखंड से ही अफीम की तस्करी हो रही थी. तेज झारखंड से माल सप्लाई करता था. तस्करों से पूछताछ में झारखंड के खूंटी निवासी मिथुन का नाम सामने आया था.

1 सितंबर को पकड़ा था साला

1 सितंबर को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि मिथुन के साथी बरेली में फिर से अफीम की सप्लाई करने आ रहे हैं. टीम ने सेटेलाइट से झारखंड के छवरा निवासी नीतेश कुमार और हजारीबाग निवासी दीपक कुमार डांगी को गिरफ्तार किया. वह करेली सुभाषनगर निवासी सुरेंद्र उर्फ वीरपाल को माल सप्लाई करने आए थे.

अकाउंट से रुपए ट्रांसफर

ड्रग तस्करी के धंधे में चौंकाने वाली बात सामने आयी है. तस्करों ने बताया कि वह सिर्फ माल सप्लाई करने आते हैं. माल की रकम अकाउंट के जरिए ट्रांसफर कर दी जाती है. झारखंड से अफीम ट्रेन और बस से बरेली लायी जाती है. उसके बाद यहां से माल को दिल्ली, एनसीआर, उत्तराखंड, पंजाब व अन्य जगहों पर सप्लाई की जाती है. झारखंड से अफीम काफी सस्ते दाम में आती है, जिसकी कीमत अन्य राज्यों में काफी अधिक बढ़ जाती है.