- दूसरे दिन वीसी ने 7 कर्मचारियों को किया सस्पेंड

- कर्मचारियों के साथ बैठककर वीसी ने समझाया

मेरठ: मानसून की दस्तक ने बेशक मौसम ने करवट ली, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण का टेंप्रेचर कम नहीं हो रहा है. लगातार कार्रवाई के दूसरे दिन मंगलवार को प्राधिकरण वीसी योगेंद्र यादव ने 7 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया. वीसी के साथ बदसलूकी में अब तक एमडीए कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष समेत 2 जेल जा चुके हैं जबकि 18 कर्मचारी सस्पेंड हो गए हैं.

इन पर गिरी गाज

मंगलवार को वीसी ने क्लर्क प्रदीप राणा, ओमवीर चौहान, उद्यान निरीक्षक नरेंद्र पुंडीर, अनुचर ताराचंद्र, राजेंद्र शाह, श्री बाबू और ईश्वर चंद्र को अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया. सोमवार की कार्रवाई को मिलाकर 3 जेई समेत 15 कर्मचारियों को अब तक सस्पेंड किया जा चुका है. वीसी ने यह कार्रवाई जांच कमेटी की पुष्टि के बाद की है. बता दें कि शनिवार को प्राधिकरण वीसी से मुलाकात करने गए एमडीए कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सुशील त्यागी समेत सैकड़ों कर्मचारियों ने वीसी के साथ अभद्रता की थी.

कर्मचारियों के साथ मीटिंग

मंगलवार को वीसी ने अपराह्न 12 बजे हॉल में कर्मचारियों के साथ मीटिंग की. सभी कर्मचारियों के साथ घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की और भरोसा दिलाया कि अपनी किसी भी समस्या के लिए वे किसी कर्मचारी नेता के उत्पीड़न का शिकार न हो बल्कि सीधे आकर मिले. इसके साथ ही वीसी ने हर 15 दिन में कर्मचारियों के साथ उनकी समस्याओं को लेकर एक बैठक का ऐलान किया.

तबादला करने से इनकार

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से घटनाक्रम साझा करते हुए वीसी ने बताया कि अध्यक्ष समेत यूनियन के पदाधिकारियों को पहले ही समझा दिया गया था कि 'माहौल बदल गया है, अब आपको भी बदलना होगा.' किंतु कर्मचारी नेताओं ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. वीसी ने बताया कि शुक्रवार को अध्यक्ष आदि करीब एक दर्जन कर्मचारियों के ट्रांसफर के आदेश लेकर आए थे, जिसपर साइन कराने का दबाव बना रहे थे.