शास्त्रीनगर में आवासीय क्षेत्र में शराब की दुकान का विरोध

पल्लवपुरम में महिलाओं ने ठेके पर किया जमकर हंगामा

Meerut. अभी शराब की दुकानों की आवंटन प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई कि शहर के प्रमुख रिहायशी इलाकों में खुलेआम शराब बिकनी शुरू हो गई है. हालत यह है कि नियमों को ताक पर रखकर आवासीय क्षेत्रों में शराब की बिक्री की जा रही है. रविवार को कई जगह पर शराब की दुकानों के शटर खुले तो लोगों ने विरोध किया.

खुली दुकान

शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में रविवार को आवास-विकास कार्यालय के ठीक सामने सालों से विवादित अवैध दुकानों में शराब का ठेका खुलने से विवाद शुरू हो गया. क्षेत्रीय लोगों ने इस दुकान का विरोध करते हुए आवासीय क्षेत्र से इसे हटाने की मांग की है. लोगों ने बताया कि दुकान अभी पूरी तरह से तैयार भी नहीं है. न लाइसेंस नंबर है, न नाम का पता लेकिन दुकान से शराब की बिक्री शुरू हो गई है. बेगमपुल मार्केट में भी शराब की दुकान खुलने को लेकर कारोबारियों के साथ महिलाओं ने भी धरना-प्रदर्शन किया. बेगमपुल व्यापार संघ के नेतृत्व में महिलाओं ने हाथ में तख्तियां लेकर शराब की दुकान का विरोध किया.

महिलाओं का हंगामा

पल्लवपुरम में देसी शराब के ठेके के विरोध में महिलाओ ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ कर दी. महिलाओं ने आरोप लगाया कि ठेका कालोनी के बाहर खुलने से माहौल खराब होगा. इसलिए ठेका कालोनी के बाहर नहीं खुलना चाहिए. ठेके के विरोध में सारथी सोशल वेलफेयर सोसाइटी की प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पांडेय व महानगर अध्यक्ष रितेश वर्मा ने महिलाओं के साथ ठेके के बाहर ही धरना देकर विरोध जताया. महिला के विरोध के चलते दिनभर ठेका बंद रहा.

बार कोड में उलझी शराब

शराब की बोतलों पर बार कोड की अनिवार्यता ने वित्तीय वर्ष के प्रथम दिन सप्लाई ठप कर दी. मेरठ में रविवार को एक भी बोतल शराब की आधिकारिक सप्लाई नहीं हुई. वहीं दुकानों पर ताले पड़े रहे. हालांकि चोरी-छिपे शराब की बिक्री जारी रही. जिला आबकारी अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बोतलों पर बार कोड दर्ज नहीं हो पाए हैं इसलिए सप्लाई बाधित है.