-पहले भी कई परीक्षाओं में पकडे़ जा चुके हैं मुन्नाभाई

-सिर्फ एफआईआर दर्ज कर भूल जाती है पुलिस

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BAREILLY: पुलिस भर्ती परीक्षा में फोटो मिलान से मुन्नाभाई तो गिरफ्त मे आ गए लेकिन पुलिस मास्टर माइंड की गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है. इससे पहले भी अलग-अलग भर्तियों में मुन्नाभाई पकड़े गए लेकिन पुलिस न तो उनके साथियों की गिरफ्तारी की और न उनके बारे में पता लगाने की कोशिश की. यही वजह है कि हर बार गैंग लीडर अलग-अलग सॉल्वर को लाकर परीक्षा दिलाने पहुंच जाते हैं. आर्मी भर्ती परीक्षा में भी कई बार सॉल्वर या फिर डमी कैंडीडेट पकड़े जा चुके हैं.

सीसीटीवी फुटेज मांगी
सुभाषनगर के प्रयागो इंटर कॉलेज में सॉल्वर मनोज को मोबाइल, ब्लू टूथ डिवाइस के साथ गिरफ्तार किया था. उसने अपने साथी रवि, बिट्टू और संदीप के बारे में बताया था. मुरादाबाद निवासी संदीप गैंग लीडर है. संदीप ने ही रवि के जरिए मनोज से संपर्क किया था और मनु की जगह परीक्षा देने के लिए भेजा था, लेकिन उसे पकड़ लिया गया. संदीप तक पहुंचने के लिए पुलिस मनोज के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल रही है. पुलिस ने पीलीभीत रोड स्थित होटल से सीसीटीवी फुटेज भी मांगी है. इसमें मनोज, रवि के साथ रुका था. वहीं पुलिस इज्जतनगर और सीबीगंज में पकड़े गए मुन्नाभाईयों के भी मोबाइल की काल डिटेल खंगाल रही है.

पहले भी पकड़े सॉल्वर

3 जून 2018 : दरोगा भर्ती परीक्षा में फिजिकल के दौरान बागपत के तरुण को नकली फिंगर प्रिंट के साथ पकड़ा गया था.

2 जून 2016 : आर्मी ट्रेडमेन की भर्ती परीक्षा में 4 मुन्नाभाई जितेंद्र, संदीप, अनिल और ओमवीर को पकड़ा गया था.

3 नवंबर 2015 : जीआईसी में एसएससी की परीक्षा में 3 सॉल्वर पकड़े गए थे, उनके पास ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पेपर की फोटोकापी भी मिली थीं

20 दिसंबर 2015 : बारादरी में फोर्थ क्लास कर्मचारी की परीक्षा में ब्लूटूथ के साथ एक युवक को पकड़ा गया था

14 दिसंबर 2014 : पुलिस भर्ती परीक्षा में क्राइम ब्रांच और राजस्थान एसटीएफ ने 3 सॉल्वर को गिरफ्तार किया था