सोनू यादव हत्याकांड: परिजनों ने जीटी रोड पर शव रख जाम लगाया

आरोपितों की तलाश में पुलिस ने कई ठिकानों पर दी दबिश

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ALLAHABAD: धूमनगंज के मुंडेरा इलाके में मंगलवार को प्रापर्टी डीलर सोनू यादव हत्याकांड में इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं. एसएसपी नितिन तिवारी ने धूमनगंज इंस्पेक्टर केपी सिंह, एसएसआई अनुज भारतीय और बीट सिपाही आरिफ और अतुल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उधर, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को जीटी रोड पर रख जाम लगा दिया. वे 48 घंटे में आरोपितों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग कर रहे थे. सीओ श्रीश चंद्र ने किसी तरह उन्हें शांत कर जाम हटवाया.

पुलिस भूमिका की होगी जांच

मंगलवार शाम को घर के पास ही सोनू यादव की हत्या की गई थी. हत्या के बदमाशों ने उसके घर पर भी पथराव व बमबाजी की थी. एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि हत्याकांड में इंस्पेक्टर और दरोगा की लापरवाही सामने आई है. चौकी प्रभारी छुट्टी पर था, इसलिए दो बीट सिपाहियों को निलंबित किया गया है. दोषी पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है.

शव रख जाहिर किया आक्रोश

पोस्टमार्टम हाउस पर सोनू के परिजनों के साथ काफी संख्या में स्थानीय पब्लिक जुटी हुई थी. इसे देखते हुए वहां काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. करीब चार बजे सोनू का शव मिलने के बाद परिजन उसे लेकर कन्हईपुर घाट की ओर चले. जीटी रोड पर पहुंचते ही उन्होंने शव को अचानक बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया. इससे रोड के दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई. जाम के दौरान ही पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह समर्थकों के साथ पहुंच गई. तब मौके पर मौजूद सीओ सिविल लाइंस श्रीश चंद्र ने 48 घंटे में आरोपितों की गिरफ्तारी और मुआवजा के साथ परिवार की सुरक्षा का लिखित आश्वासन देकर उन्हें शांत किया.

सोनू ही था गदऊ का मददगार

पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोनू के कहने पर ही पिछले महीने गदऊ ने गोलू और कुलदीप को बंधक बनाकर घंटों पीटा था. फिर धमकी देकर छोड़ा था. सोनू लगातार गदऊ के संपर्क में था. सूत्रों की मानें तो सोनू ही उसका सबकुछ था. वह उसकी पैसे से लेकर अन्य सभी जरूरतें पूरी करता था. यही वजह थी कि बदमाशों ने सबसे पहले सोनू को ही टारगेट किया.

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं. वे लगातार दबिश दे रही हैं. कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया गया है. अहम जानकारियां मिली हैं. सच्चाई का पता लगाया जा रहा है.

नितिन तिवारी, एसएसपी