- नगर निगम की ओर से की जा रही है तैयारियां

- पांच माह पहले भी की जा चुकी है कवायद

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LUCKNOW एक बार फिर से नगर निगम की ओर से शहर के छह क्षेत्रों को साइलेंस जोन बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है. इस कवायद से साफ है कि केजीएमयू समेत कई प्रमुख मार्गो को साइलेंस जोन बनाया जाएगा. हालांकि निगम की ओर से चार से पांच माह पहले भी इस तरह की कवायद की गई थी लेकिन नतीजा सिफर रहा था. अब नए सिरे से निगम की ओर से रणनीति तैयार की जा रही है. यह भी संभावना है कि निगम की ओर से इस प्रस्ताव को इस माह के अंत या अगले माह के प्रथम सप्ताह में होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में लाया जाएगा.

इसलिए उठाया कदम

शहर में बढ़ते प्रदूषण के ग्राफ को नियंत्रित करने के लिए निगम की ओर से यह कवायद की जा रही है. मार्च माह में आयोजित सदन में भी इस प्रस्ताव को लाया गया था लेकिन उस दौरान इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकी थी. जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पहुंच गया था. अब फिर से निगम इस दिशा में कदम आगे बढ़ा रहा है.

78 डेसीबल तक पहुंचा स्तर

मानकों के अनुसार आमतौर पर ध्वनि का स्तर 70 से 80 डेसीबल के बीच होना चाहिए, लेकिन शहर के अधिकतर रेजिडेंशियल क्षेत्रों में स्तर 78 के पास पहुंच चुका है. कामर्शियल क्षेत्रों में यह 84 डेसीबल के करीब है. इस वजह से स्थिति चिंताजनक है. इसी के चलते नगर निगम की ओर से छह इलाकों को साइलेंस जोन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

ये क्षेत्र बनेंगे साइलेंस जोन

कालिदास मार्ग, विक्रमादित्य मार्ग, उच्च न्यायालय गोमती नगर, बलरामपुर अस्पताल कैसरबाग, केजीएमयू चौक और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल गोमती नगर. इन संस्थानों के सौ मीटर के दायरे में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच 50 डेसिबल से ज्यादा शोर करने की अनुमति नहीं होगी. जबकि रात में यह स्तर 40 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए.

बाक्स

इन पर रहेगा प्रतिबंध

- लाउडस्पीकर एवं लोक संबोधन प्रणाली

- ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे

- किसी भी प्रकार का संगीत अथवा ध्वनि यंत्रों का प्रयोग

- भीड़ को आकर्षित करने के लिए संगीत या अन्य प्रदर्शन

- जनरेटर सेट का उपयोग

- प्रेशर हॉर्न या हॉर्न

- ध्वनि उत्सर्जित करने वाली सन्निर्माण मशीनों का उपयोग

वर्जन

हमारी ओर से प्रयास किया जा रहा है कि उक्त क्षेत्रों को साइलेंस जोन घोषित किया जाए. इस प्रस्ताव को तैयार कराया जा रहा है. जल्द ही इसे पहले कार्यकारिणी फिर सदन में रखा जाएगा.

संयुक्ता भाटिया, मेयर