- वार्षिक परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए वाइस चांसलर ने जारी किया अपना बी प्लान

- परीक्षा केंद्रों से वसूली की लगातार शिकायतों के बाद वीसी 14 स्पेशल स्क्वॉयड गठित

- चुनिंदा अधिकारियों के पास ही रहेगी इनकी जानकारी, किसी दस्ते की ले सकते हैं तलाशी

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KANPUR: सीएसजेएमयू की वार्षिक परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए वाइस चांसलर ने अपना बी प्लान सोमवार से लागू कर दिया है. वसूली करने वाले उड़न दस्तों पर नजर रखने के लिए स्पेशल उड़न दस्ता गठित कर दिया गया है. वहीं परीक्षा केंद्रों से वसूली करने वाले उड़नदस्तों की शिकायत करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तीन हेल्प लाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं. यूनिवर्सिटी क्ब् जिलों में नकल रोकने की हरसंभव कोशिश कर रहा है. सबसे ज्यादा इलाहाबाद के परीक्षा केंद्रों के लिए ब् उड़न दस्ते बनाए गए हैं क्योंकि इसी जिले से नकल की सबसे ज्यादा शिकायतें भी मिल रही हैं.

लिफाफा कल्चर पर रोक

सीएसजेएमयू प्रशासन, नकल के बदले परीक्षा केंद्रों से उड़नदस्तों को मिलने वाले 'लिफाफों' पर प्रतिबंध लगाने की हर संभव कोशिश कर रही है. अपना रिजल्ट बेहतर करने की कवायद में कॉलेज मैनेजमेंट स्टूडेंट्स से सुविधा शुल्क के नाम पर पैसा वसूलते हैं. इस पैसे का यूज नकल कराने के लिए किया जाता है. यूनिवर्सिटी के नकल रोकने वाले दस्ते जैसे ही इन कॉलेजों में पहुंचते हैं इन्हें लिफाफा पकड़ा दिया जाता है. लिफाफा लेकर दस्ते उल्टे पैर लौट जाते हैं.

लगातार मिल रहीं शिकायतें

उड़नदस्तों की वसूली की कई बार कम्प्लेन भी आ चुकी है. बीते साल की परीक्षा में कूटा नेताओं की कम्प्लेन राजभवन से की गई थी जिसके बाद कूटा का दस्ता रोक दिया गया था. इस बार कूटा का कोई नेता उड़नदस्ते में जगह नहीं पा सका. यूनिवर्सिटी प्रशासन उड़नदस्तों में अच्छी छवि वाले ऐसे टीचर्स को भेज रहा है जिनकी शिकायत न आने पाए.

सिर्फ इलाहाबाद के लिए ब् दस्ते

एग्जामनेशन कंट्रोलर आरबी यादव ने बताया कि इलाहाबाद के सेंटर्स पर नकल रोकने के लिए ब् दस्ते बनाए गए हैं. यह दस्ते सिर्फ ख्फ् मार्च तक होनी वाली परीक्षा का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजेंगे. इलाहाबाद में जबरदस्त नकल की शिकायतें मिल रही हैं. अन्य क्फ् जिलों की नकल रोकने के लिए क्0 उड़न दस्ते गठित किए गए हैं. जोकि ख्फ् मार्च तक की परीक्षा का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देंगे.

स्पेशल दस्ते की नजर शिकार पर रहेगी

वसूलीबाज दस्तों की निगरानी के लिए वाइस चांसलर प्रो. जेवी वैशम्पायन ने स्पेशल उड़न दस्ता बनाया है. जो किसी भी समय उड़न दस्ते की तलाशी ले सकता है. अगर कम्प्लेन आई तो फिर यह दस्ता बहुत ही बारीकी से उड़नदस्ते पर नजर रखेगा. इस दस्ते की जानकारी विश्वविद्यालय के चंद अधिकारियों के पास ही होगी.

वसूली की शिकायत दर्ज कराएं

मोबाइल नंबर

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