-ट्यूजडे रात में बल्लीवाला फ्लाई ओवर पर दर्जनों स्पीड ब्रेकर्स तैयार

-वेडनसडे को सुबह से लेकर शाम तक फ्लाईओवर पर दिनभर रेंगते दिखे वाहन

देहरादून, खूनी फ्लाईओवर पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के दिशा-निर्देश पर 36 घंटे के भीतर महकमा हरकत में आया। अब फ्लाईओवर में एक साथ दर्जनों स्पीड ब्रेकर्स बना दिये गये हैं, लेकिन इससे फ्लाईओवर चलने लायक भी नहीं रहे गया है। पहले फ्लाईओवर 5 मिनट में पार हो जाता था, लेकिन इसे पार करने में अब दोगुना वक्त लग रहा है। स्थिति यह है कि पहले दिन फ्लाईओवर के एक तरफ पहले दिन आधी रात में करीब एक दर्जन स्थानों पर लगाए गए स्पीड ब्रेकर्स दोपहिया वाहनों के लिए पहले से ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं। बैलेंस न कर पाने के कारण ड्राइवर फ्लाईओवर पर ही डगमगा रहे हैं, जिससे पहले से ज्यादा खतरा बना हुआ है। राहगीरों ने इस व्यवस्था को सिरे से खारिज कर दिया है।

हमेशा चर्चाओं में रहा फ्लाईओवर

बल्लीवाला फ्लाईओवर निर्माण के साथ ही चर्चा में रहा है। करीब तीन साल पहले तैयार हुए इस फ्लाईओवर में 13 से ज्यादा रोड एक्सीडेंट की घटनाएं सामने आ चुकी है। दिलचस्प यह है कि मंडे को जब सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार मिल रही शिकायतों के बाद फ्लाईओवर पर उतरे तो उसके चंद घंटों में एक और हादसा हो गया। इस हादसे में घायल हॉस्पिटल में भर्ती हैं। सीएम ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से खूनी फ्लाईओवर पर सामने आ रही घटनाओं पर अंकुश निकालने के निर्देश दिए। एक्सप‌र्ट्स से टेक्निकल मदद लिए के लिए कहा।

एक तरफ 13 से ज्यादा ब्रेकर्स

करीब 113 करोड़ की लागत से तैयार इस फ्लाईओवर पर होने वाले एक्सीडेंट पर ब्रेक लगाने के लिए सीएम के निर्देश के बाद आनन-फानन में अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर स्पीड ब्रेकर के ऑप्शन को बेहतर समझा। ट्यूजडे देर रात बल्लूपुर से मंडी की तरफ आने वाले वाहनों के लिए रातोंरात 13 स्पीड ब्रेकर बना डाले। इसमें से 10 स्पीड ब्रेकर एक ही जगह पर हैं। इन ब्रेकर्स से फ्लाईओवर पर वाहनों की रफ्तार करीब-करीब रुक गई है। दो पहिया वाहन यहां बुरी तरह से डगमगा रहे हैं। वाहनों के लुढ़कने तक का खतरा बन रहा है। पीछे से आने वाले बड़े वाहन भी दुपहिया वाहनों के लिए खतरा बन रहे हैं। फ्लाईओवर के ऊपर जाम जैसे हालात बन रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में इससे बेहतर ऑप्शन नहीं। एनएच पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर हरिओम शर्मा का कहना है कि वाहनों की स्पीड पर कंट्रोल होगा तो स्वत: ही रोड एक्सीडेंट पर भी ब्रेक लग जाएगा।

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फ्लाईओवर पर स्पीड ब्रेकर पहले से ज्यादा खतरनाक हो गये हैं। खासकर दोपहिया वाहन डिसबैलेंस हो रहे हैं, रात में सबसे ज्यादा समस्या सामने आएगी।

-परमजीत सिंह

इतनी संख्या में स्पीड ब्रेकर्स की जरूरत नहीं थी। इससे सुविधा नहीं असुविधा की प्रॉब्लम आ रही है। फ्लाई ओवर का मतलब जाम से निजात दिलाना होता है। यहां जाम आसानी से दिख रहा है।

-जीएस सिंह, चकराता रोड।

इन स्पीड ब्रेकर्स से एक्सीडेंट्स के और खतरे बन चुके हैं। तेजी से आ रहे वाहन को अचानक ब्रेक लगाना पड़ेगा, अनजान दोपहिया वाहन चालक कभी रपट सकता है। इस पर फिर से सरकार को सोचने की जरूरत है।

-नीतेश वालिया, जीएमएस रोड।

सीएम के निर्देशों के अनुसार एक्सीडेंट्स पर रोक लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर्स लगा दिए गए हैं। इसके बाद दूसरे पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। फोर लेन निर्माण का प्रस्ताव शासन से खारिज हो चुका है।

-हरिओम शर्मा, चीफ इंजीनियर, एनएच, पीडब्ल्यूडी।