- प्रियंका और राहुल के रोड शो में कई जगह बिगड़ते गये हालात

- पहले भी एसपीजी गांधी परिवार की सुरक्षा को लेकर कर चुकी आगाह

- चुनाव में रोड शो बढ़ने के साथ एसपीजी की चुनैतियों में भी होगा इजाफा

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LUCKNOW :वाराणसी में बीती 3 अगस्त 2016 को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की रोड शो की रोड शो के दौरान तबियत बिगड़ी तो एसपीजी के साथ प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गये. हड़बड़ी में एक के बाद गलतियां होती चली गयी जिसके बाद एसपीजी प्रमुख को यूपी सरकार को कड़ा पत्र लिखकर यह कहना पड़ा कि वीवीआईपी मूवमेंट में किसी तरह की कोताही न बरती जाए. एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग में तय की गयी रणनीति को किसी भी सूरत में बदला नहीं जाए. बाद में एक पत्र और भेजा गया जिसमें गांधी परिवार के सदस्यों खासकर प्रियंका गांधी की सुरक्षा को लेकर खास हिदायतें दी गयी. बावजूद इसके, सोमवार को राजधानी में राहुल और प्रियंका के मेगा रोड शो में कई बार ऐसे हालात पैदा हो गये जिसने एसपीजी की दुर्दशा कर दी. साथ ही यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि रोड शो के दौरान वीवीआईपी की सिक्योरिटी का पुख्ता बंदोबस्त किस तरह बरकरार रखा जाए.

'हट जाओ, क्या मेरी नौकरी ले लेगा'

सोमवार को रोड शो से पहले एयरपोर्ट पर जैसे ही प्रियंका और राहुल बाहर आए, कांगे्रस समर्थक उनकी गाड़ी को चारों ओर से घेरने लगे. कैंपस में बने टिन शेड के ऊपर भी कांग्रेसियों ने नेताओं को अपना चेहरा दिखाने के लिए कब्जा कर लिया. समर्थकों को गाड़ी से दूर करने की कोशिश में लाचार दिख रहे एक एसपीजी कमांडो के मुंह से बरबस निकल पड़ा कि 'हट जाओ, क्या मेरी नौकरी ले लोगे'. इसके बाद जब उनका काफिला आगे बढ़ा तो हालात बिगड़ते चले गये. जिस बस में राहुल और प्रियंका सवार थे, उसके पीछे मोटरसाइकिलों का काफिला चल रहा था नतीजतन एसपीजी की गाडि़यां पीछे छूटती जा रही थी. कई एसपीजी के कमांडो दौड़ते हुए बस के पास जाने की कोशिश करने लगे पर असफल रहे. हालात उस वक्त काफी खराब हो गये जब मवैय्या रेलवे अंडरपास के नीचे सारे नेताओं को अपनी जान बचाने के लिए झुकना पड़ गया. कुछ ऐसा ही नजारा बर्लिग्टन चौराहे पर नजर आया जब बिजली के तारों ने रथ का रास्ता रोक लिया. यह देख पीछे चल रहे एसपीजी के सीनियर अफसरों को गाड़ी छोड़कर सुरक्षा घेरा बनाने आना पड़ा. करीब बीस से ज्यादा एसपीजी कमांडो राहुल और प्रियंका को भीड़ से बचाने को जूझते नजर आए. समर्थकों को धक्का दिए बगैर गाड़ी एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पा रही थी. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि एएसएल के दौरान जिम्मेदारों की नजर बिजली के तारों पर क्यों नहीं गयी.

नहीं मिल पाया रस्सा

वीवीआईपी के रोड शो के सिक्योरिटी मैनुअल में यह तय किया जा चुका है कि वाहन के दोनों तरफ पुलिसकर्मियों को रस्सा लेकर चलना होगा ताकि आम जनता उसके नजदीक न जा सके. बर्लिग्टन चौराहे पर बस से उतरने के बाद एसयूवी पर राहुल और प्रियंका सवार हुए तो समर्थकों का हुजूम उनके चारों तरफ था. हालात इतने बदतर थे कि एसपीजी कमांडो उनको हटाने में नाकाम साबित हो रहे थे. तमाम समर्थक राहुल और प्रियंका के बेहद नजदीक तक पहुंचने में सफल होते जा रहे थे. तमाम पुलिस अफसर मूकदर्शक बने खड़े थे तो एसपीजी लोगों को धक्का देकर रास्ता बना रही थी. ये हालात यह बताने को काफी हैं कि वीवीआईपी का रोड शो पुलिस ही नहीं, एसपीजी के लिए भी जान की आफत बनता जा रहा है.

कोट

इस बारे में वीवीआईपी को भी ध्यान देना चाहिए और पुलिस को सहयोग करना चाहिए. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी इस बारे में खासी सतर्क रहती थीं. यदि पहले से तय रूट और ड्रिल का उल्लंघन होगा तो हालात बिगड़ना स्वाभाविक है. कई बार नेता लोकप्रिय दिखने की वजह से खतरा उठाते हैं. यही वजह है कि पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या कर दी गयी थी.

सुलखान सिंह, पूर्व डीजीपी

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हमारा काम संसाधन मुहैया कराना है. एसपीजी ने जितनी सुविधाएं और संसाधन मांगे थे, सुरक्षा शाखा की ओर से मुहैया करा दिए गये थे. एएसएल पर हुई चूक पर स्थानीय पुलिस ही जवाब दे सकती है. यह उसका काम है कि ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा के बंदोबस्त करे.

- विजय कुमार, एडीजी सुरक्षा

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कहां कहां चूक

1 - मवैय्या रेलवे अंडरपास के नीचे सारे नेताओं को अपनी जान बचाने के लिए झुकना पड़ गया.

2 - बर्लिग्टन चौराहे पर बस से उतरने के बाद एसयूवी पर राहुल और प्रियंका सवार हुए तो समर्थकों का हुजूम उनके चारों तरफ था. एसपीजी कमांडो नाकाम साबित हो रहे थे.

3 - एयरपोर्ट पर कांगे्रस समर्थक प्रियंका और राहुल की गाड़ी को घेरने लगे. कैंपस में टिन शेड के ऊपर भी कांग्रेसियों चेहरा दिखाने के लिए कब्जा कर लिया. उनको गाड़ी से दूर करने में एसपीजी नाकाम दिखी.

4 - एयरपोर्ट से जिस बस में राहुल और प्रियंका सवार थे, उसके पीछे मोटरसाइकिलों का काफिला चल रहा था नतीजतन एसपीजी की गाडि़यां पीछे छूटती जा रही थी. कई कमांडो दौड़ते हुए बस के पास जाने की कोशिश करने लगे पर असफल रहे.

पहले भी कई बार चूक

- 2011 में इलाहाबाद में राहुल गांधी के दौरे के दौरान सुरक्षा घेरा टूट गया था जिस पर केंद्र सरकार ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि यूपी में ही ऐसी घटनाएं होती हैं.

- 2016 में वाराणसी में रोड शो के दौरान सोनिया गांधी की तबियत बिगड़ी तो डॉक्टर उनका बीपी तक नहीं नाप सके. बीपी नापने वाली मशीन ही ऐन मौके पर दगा दे गयी.

- विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी की दिल्ली से देवरिया तक किसान यात्रा के दौरान उनके सिर में नंगा तार छूने से करंट लग गया था.

- 2014 में अमेठी में प्रियंका गांधी के दौरे के दौरान एसपीजी सुरक्षा घेरा टूटने से हड़कंप मच गया था.

- वाराणसी में भी जापान के प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा चूक का मामला सामने आ चुका है.