- स्पो‌र्ट्स इक्विपमेंट्स का घट गया बाजार, जीएसटी रेट बढ़ने से बढ़ी दिक्कत

- हाई क्वालिटी स्पो‌र्ट्स इक्विपमेंट्स की डिमांड सबसे ज्यादा

GORAKHPUR: गुड्स एंड सर्विस टैक्स ने व्यापारियों से लेकर आम आदमी तक सभी को परेशान कर रखा है. टैक्स के बढ़े रेट से जहां व्यापारी मुसीबत में हैं, वहीं इसका बोझ डायरेक्ट या इनडायरेक्ट वे में आम आदमी की जेब पर ही आ रहा है. हालत यह है कि अब इस जीएसटी का इफेक्ट खेल और खिलाड़ी पर भी पड़ गया है. सभी स्पो‌र्ट्स इक्विपमेंट्स के दाम में भारी इजाफा हुआ है, जिसकी वजह से स्पो‌र्ट्स मार्केट में मंदी अा गई है.

पांच से 18 परसेंट हुआ जीएसटी

जीएसटी की बात करें तो स्पो‌र्ट्स इक्विपमेंट्स पर पांच परसेंट टैक्स लगता था. लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने खिलाडि़यों को झटका देते हुए स्पो‌र्ट्स गुड्स पर 28 परसेंट टैक्स लगा दिया. लेकिन गुजरात चुनाव के वक्त सरकार ने टैक्स को बोझ थोड़ा कम किया और इस 18 परसेंट जीएसटी वसूला जाने लगा. अब हालत यह है कि करीब 13 परसेंट टैक्स बढ़ जाने से भी स्पो‌र्ट्स इक्विपमेंट्स के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं, जिसकी वजह से इसके खरीदारों में भी काफी कमी आई है.

50 परसेंट सेल में गिरावट

स्पो‌र्ट्स गुड्स पर जीएसटी बढ़ने से सामान महंगे हो गए. इससे जो खिलाड़ी थोड़ा खराब होने की कंडीशन सामान की खरीदारी कर लिया करते थे, अब बिल्कुल जरूरी होने के बाद ही खरीदारी कर रहे हैं. हालत यह है कि सेल में करीब 50 फीसदी गिरावट आने के बाद व्यापारी भी परेशान होने लगे हैं. गोलघर में मौजूद फिप्सन स्पो‌र्ट्स कंपनी के जिम्मेदारों की मानें तो पहले जहां एक करोड़ की सेल हो जाती थी, वहीं यह आंकड़ा अब 50 लाख के आसपास पहुंच गया है.

इस रेंज में अवेलबल हैं सामान -

क्रिकेट किट - 5000 से 10 हजार

फुटबॉल - 1500 से 3000

वॉलीबाल - 1500 से 3000

बास्केटबॉल - 1000 से 3000

बैडमिंटन - 500 से 15000

बॉक्सिंग - 500 से 300

जीएसटी लागू होने के बाद स्पो‌र्ट्स इक्विपमेंट की सेल में 50 फीसद तक गिरावट आई है. पहले 5 परसेंट टैक्स था, जो जीएसटी लागू होने के बाद 18 परसेंट हो गया है. इससे खिलाडि़यों को भी दिक्कत हो रही है.

-प्रेम दत्त कालिया, प्रोपराइटर, फिप्सन स्पो‌र्ट्स कंपनी