क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रांची स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को स्पेशल पर्पस व्हीकल( एसपीवी)से रफ्तार मिलेगी. एसपीवी के माध्यम से ही सारी योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा. यह एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी की तरह काम करेगी. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने, मंजूरी देने और लागू करने की जिम्मेदारी एसपीवी के पास होगी. मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में एसपीवी के गठन को मंजूरी दे दी गई है. अब इसे राजभवन भेजा जाएगा. राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही एसपीवी अस्तित्व में आ जाएगा.

होगी पब्लिक लिमिटेड कंपनी

एसपीवी एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी की तरह काम करेगी. इसे कंपनी एक्ट-2013 के तहत रजिस्टर्ड कराना होगा. इसमें राज्यों और संबंधित निकाय की 50 50 प्रतिशत इक्विटी होगी. हालांकि, प्राइवेट इक्विटी की भी अनुमति दी गई है, लेकिन इसका पूरा मैनेजमेंट और कंट्रोलिंग पावर सरकार के पास होगा.

सीईओ का अहम रोल

एसपीवी में सबसे महत्वपूर्ण पद सीईओ का होगा. स्मार्ट सिटी से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की सहमति से वे निर्णय लेंगे. केंद्र सरकार ने सीईओ के पद के लिए जो ना‌र्म्स तय किए हैं, उसके तहत सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति की जा सकती है. हालांकि, प्राथमिकता उसी व्यक्ति को दी जाएगी, जिसके पास इस तरह की परियोजनाओं पर काम करने का व्यापक अनुभव होगा.

केंद्र से सीधे मिलेगा फंड

एसपीवी हर विभाग से सीधे जुड़ी रहेगी और उन विभागों से सामंजस्य बनाकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी परियोजनाओं को लागू करेगी. एसपीवी को केंद्र की ओर से सीधे फंड उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए इस कंपनी को अलग से खाता खोलना होगा. एसपीवी के गठन के साथ ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए दो सौ करोड़ रुपए उपलब्ध करा दिए जाएंगे.

एक्सप‌र्ट्स किए जाएंगे बहाल

स्मार्ट सिटी से जुड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए एसपीवी में एक्सप‌र्ट्स की टीम भी होगी. इंजीनियर, अकाउंट्स, मैनेजमेंट, पावर सेक्टर और प्लानिंग सहित कई क्षेत्रों के एक्सप‌र्ट्स की बहाली एसपीवी में की जाएगी. ये एक्सप‌र्ट्स स्मार्ट सिटी से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर ना सिर्फ बनाएंगे, बल्कि उसकी मॉनिटरिंग भी करेंगे. इसके अलावा ऑडिटर एवं कंपनी सेकेट्री, चीफ अकाउंटेंट, सिटी अर्बन प्लानर, चीफ इंजीनियर और आईटी ऑफिसर भी नियुक्त किए जाएंगे.

एसपीवी के पास होंगे सारे अधिकार

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी के लिए जो खाका तैयार किया है, उसमें एसपीवी के पास ही सारे अधिकार होंगे. इसके तहत स्मार्ट सिटी का डीपीआर अप्रूव करने, राशि रिलीज करने और प्रोजेक्ट्स लागू करने के साथ उसका प्रबंधन, संचालन, निगरानी और मूल्यांकन करने का अधिकार एसपीवी के पास होगा.