काठमांडू (पीटीआई)। नेपाल के प्रधानमंत्री शर्मा ओली ने शुक्रवार को बिम्सटेक की चेयरमैनशिप श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरीसेना को सौंप दी है। ओली ने चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन सिरीसेना को सात सदस्यीय समूह की अध्यक्षता सौंपी। बता दें कि बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) की अध्यक्षता सदस्य देशों के बीच घूमती रहती है। अब पांचवां बिम्सटेक शिखर सम्मेलन श्रीलंका में आयोजित किया जाएगा।

ये है मुख्य उद्देश्य
बता दें कि बिम्सटेक एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें सात देश शामिल हैं। खास बात ये है कि सभी देश बंगाल की खाड़ी के नजदीक स्थित हैं और एक समान क्षेत्रीय एकता का गठन करते हैं। उन सात देशों में बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड का नाम शामिल है। बिम्सटेक का मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में स्थित दक्षिण एशियाई और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग स्थापित करना है। एक्ट ईस्ट पॉलिसी और नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी को लेकर बिम्सटेक भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

सभी सात देशों ने दी बधाई
नई अध्यक्षता को स्वीकार करने के बाद राष्ट्रपति सिरीसेना ने एक खास बयान दिया, उन्होंने कहा कि वह एक स्पष्ट एजेंडा के साथ आगामी शिखर सम्मेलन के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ओली ने श्रीलंका को बिम्सटेक की अध्यक्षता हासिल करने के लिए बधाई दी और सफलता के साथ शिखर सम्मेलन को पूरा करने में उनकी भागीदारी और समर्थन के लिए सदस्य देशों की सरकारों के प्रमुखों को धन्यवाद दिया। इसके अलावा राष्ट्रपति सिरीसेना को सभी सात देशों क प्रमुखों ने भी बधाई दी।

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