कोलंबो (आईएएनएस)। श्रीलंका इन दिनों पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास देशों के नागरिकों को बिना वीजा के एंट्री देने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस प्रक्रिया की स्टडी के लिए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो ये तय करेगी कि ऐसा करना ठीक होगा या नहीं। पर्यटन मंत्री जॉन अमृतुंगा ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत भारत, चीन, कुछ अन्य यूरोपीय और पश्चिमी एशियाई देशों को शामिल किया जायेगा। अमृतुंगा ने कहा कि इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य अधिक संख्या में लोगों को श्रीलंका बुलाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

पर्यटन उद्योग में हुआ इजाफा
मंत्री ने बताया कि श्रीलंका पर्यटन संवर्धन ब्यूरो (एसएलटीपीबी) फिलहाल इस योजना पर काम कर रहा है और इस प्रस्ताव को आगंतुकों के लिए ऑफ सीजन के महीनों में यानी कि अक्टूबर से नवंबर और मार्च से अप्रैल के बीच लागू किया जा सकता है। इसके अलावा, अमृतुंगा ने कहा कि सरकार कम लागत वाले पैकेज पर्यटकों को प्रदान करने के लिए एयरलाइंस, टूर ऑपरेटर और होटलों के साथ भी बातचीत कर रही है। बता दें कि श्रीलंका का पर्यटन उद्योग की हालत एक समय में बेहद खराब थी लेकिन अब यह देश दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। पिछले साल की समान समय की तुलना में 2018 के जून तक श्रीलंका के पर्यटकों में 15.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

इन जगहों पर घूम सकते हैं

श्रीलंका में पि‍न्नावला एलिफेंट ऑरफनेंज, पोलोन्नरुवा, दमबुला केव टेम्पल, एडमास पीक, ओल्ड डच फोर्ट, सिगरिया रॉक जैसे जगहों पर घूमकर उनकी खूबसूरती देख सकते हैं। दमबुला केव टेम्पल की खास बात यह है कि यहां पर भगवान बुद्ध के 150 मूर्तियां मौजूद हैं।

श्रीलंका को मिला चीन की तरफ से 2050 करोड़ रुपये की मदद का प्रस्ताव, ये है कारण

अर्थव्यवस्था की मुश्किलों से जूझ रहे श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे अविश्वास प्रस्ताव का करेंगे सामना

International News inextlive from World News Desk