कोलंबो (पीटीआई)। श्रीलंकाई पुलिस ने सांप्रदायिक दंगों से जुड़े 60 लोगों को गिरफ्तार किया है और साथ ही बुधवार को देशभर से कर्फ्यू को भी हटा लिया है। बता दें कि सरकार ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़कने के बाद सोमवार को श्रीलंका में कर्फ्यू लगा दिया था। सैकड़ों उपद्रवियों ने मस्जिदों को तोड़ दिया और मुसलमानों के कई दुकानों को जला दिया था। पुलिस ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी प्रांत और गंपाहा पुलिस डिवीजन में लगाया गया कर्फ्यू बुधवार सुबह 6 बजे हटा दिया गया है, जबकि देश के अन्य क्षेत्रों में कर्फ्यू सुबह 4 बजे ही खत्म कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि देश में स्थिति अब सामान्य हो रही है। उन्होंने कहा कि रात भर हिंसा की कोई घटना नहीं हुई और इस दंगा के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

10 साल की हो सकती है जेल

पुलिस प्रवक्ता रुवन गुनसेकरा ने कहा, 'मुस्लिम विरोधी दंगों के सिलसिले में 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 33 संदिग्धों को रिमांड पर लिया गया है। संदिग्धों को सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स (ICCPR) अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत 10 साल जेल की सजा सुनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि दंगाइयों की गैर कानूनी करतूतों को हमेशा पुलिस रिकॉर्ड में रखा जायेगा। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि दंगाइयों ने कर्फ्यू के दौरान भी उनकी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचाया और उनमें आग लगाई। उनका आरोप है कि सुरक्षा बलों और पुलिस ने दंगे के दौरान उसमें शामिल लोगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की। मुस्लिम राजनीतिक दलों का कहना है कि दंगों में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वयंबा के प्रांतीय गवर्नर पेशाला जयरत्ने ने कहा कि देश के सभी स्कूल और इंस्टिट्यूट बुधवार से खुल गए हैं।
श्रीलंका में हिंसक झड़प के बाद एक व्यक्ति की मौत, फिर से देशभर में कर्फ्यू लागू
 
सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद
बता दें कि फेसबुक पर एक विवादित पोस्ट लिखने के बाद देशभर में हिंसा शुरू हो गया। एक व्यक्ति ने ऑनलाइन कमेंट में लिखा था, 'एक दिन तुमलोगों को रोना है।' लोगों ने इस कमेंट को धमकी के रूप में ले लिया और शहर में हिंसा शुरू हो गया। उल्लेखनीय है कि ईस्टर के दिन चर्च और होटलों में हुए आत्मघाती धमाकों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसी के बाद वहां मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली थी। लेकिन श्रीलंका सरकार का कहना है कि इन धमाकों को स्थानीय आतंकी संगठन नेशनल तौहीद जमात ने अंजाम दिया था। इन धमाकों के बाद हुई तलाशी में मस्जिदों से भारी मात्रा में तलवार और अन्य हथियार बरामद किए गए थे।

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