- मुर्गा मार्केट खाली कराने से रोकने के लिए अराजकतत्वों ने की धार्मिक नारेबाजी

- लाठी चार्ज का रुख देख शांत हुए हंगामा और नारेबाजी कर रहे लोग

- प्रशासन ने अपने वाहनों से दुकानदारों का सामान मछली बाजार भेजा

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KANPUR: मुर्गा मार्केट खाली करने से रोकने के लिए कुछ अराजक तत्वों ने धार्मिक नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. प्रशासन ने एक्शन लेने के बजाय हंगामा करने वालों को समझा बुझा कर शांत कराया. परेड चौराहे पर मल्टीलेविल पार्किग निर्माण के लिए मुर्गा मार्केट की करीब 4300 वर्ग मीटर भूमि को खाली कराया जा रहा है. रविवार होने के बावजूद सुबह दस बजे ही प्रशासनिक अमला भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गया. वहां पहले से ही दुकानदार अपना सामान निकालने में लगे हुए थे. दुकानदारों का सामान नगर निगम और केडीए द्वारा लगाए गए लोडरों व ट्रकों में ढो कर मछली बाजार स्थित न्यू मुर्गा मार्केट भेजा गया.

पुलिस फोर्स रही अलर्ट

दोपहर तक करीब आधे से ज्यादा दुकाने खाली हो गई. प्रशासनिक अमला जब मुर्गा, मटन दुकानदारों को हटाने पहुंचा तो कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया. उनका कहना था कि उन्हें टाइम नहीं दिया जा रहा है. इस दौरान कुछ अराजकतत्वों ने धार्मिक नारेबाजी कर दी. माहौल बिगड़ता देख प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नारेबाजी करते रहे. यह देख पुलिस फोर्स एलर्ट हो गई, लाठीचार्ज होने की आशंका पर हंगामा करने वाले लोग शांत हो गए.

एक घंटे तक चला हंगाता

यह हंगामा शांत हुआ तो कुछ महिलाएं हल्ला मचाने लगीं. उनका कहना था कि कई साल से उनके शौहर यहां दुकान लगा रहे हैं, लेकिन केडीए द्वारा अस्थाई मार्केट में उन्हें दुकाने नहीं दी गई. इन महिलाओं ने एडीएम सिटी को शिकायत करते हुए एक लेटर दिया. करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा. अधिकारियों ने क्षेत्रीय लोगों को बीच में डालकर हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया.

केडीए ने लगाए 50 वाहन

मुर्गा मार्केट जल्दी खाली कराने के लिए केडीए ने अपने वाहनों को यहां के दुकानदारों का समान ढोने के लिए लगाया. नगर निगम के ट्रक भी लगाए गए. कई वाहनों को किराए पर भी मंगाया गया. कुल 50 वाहन लगाए गए. एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि परेड मुर्गा मार्केट से संडे शाम तक करीब 80 फीसदी दुकानें हटा दी गई हैं. शेष बची दुकानों को सोमवार हटाने के बाद पूरी जगह साफ कर दी जाएगी. कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें शांत करा दिया गया.