- खून से सना चाकू लेकर नशे की हालत में घर के बाहर चीखता चिल्लाता रहा बेटा

- दो दिन से बेटे का सौतेली मां से हो रहा था झगड़ा

- पुलिस भर्ती बोर्ड के ड्राइवर ने तीन साल पहले की थी दूसरी शादी

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LUCKNOW :

इंदिरानगर इलाके में मंगलवार को पुलिस भर्ती बोर्ड में चालक के पद पर तैनात सिपाही के बेटे ने नशे में पारिवारिक कलह के चलते सौतेली मां पर चाकू से करीब 40 वार कर मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद खून से सना चाकू लिए हत्यारा बेटा नशे में जोर-जोर से चीखता रहा. आरोपी बेटे का बड़ा भाई भी पुलिस विभाग में कांस्टेबल है. सूचना पर पहुंचे भाई ने हत्यारे को पुलिस के हवाले कर दिया.

मकान के विवाद में की हत्या

इंदिरानगर के सर्वोदय नगर के डी/16 निवासी पुलिस भर्ती बोर्ड में ड्राइवर सिपाही शफातुल्लाह खान अपनी दूसरी पत्नी मैशर जहां (45) और दो बेटों के साथ रहते हैं. मंगलवार शाम करीब साढे़ पांच बजे शफातुल्लाह के छोटे बेटे सिराज ने सौतेली मां मैशर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. इंस्पेक्टर गाजीपुर गिरजा शंकर त्रिपाठी के मुताबिक हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद सामने आया है.

तीन वर्ष पूर्व की थी शादी

शफातुल्लाह की पहली पत्नी जाहिदा की तीन वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी. इसके बाद उन्होंने मूलरूप से बस्ती हरैया निवासी मैशर से निकाह किया था. जाहिदा के दो बेटे शमीम और सिराज हैं. वहीं मैशर के पहले पति से एक बेटा अरबाज और एक बेटी है.

सोमवार रात में हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला है कि सोमवार रात में शफातुल्लाह और मैशर का सिराज से विवाद हुआ था. वह अपने बेटे व बेटी को साथ में रखना चाहती थी. जिसका सिराज विरोध कर रहा था. कुछ दिन पूर्व मैशर ने अपने बच्चों को बुलाया था, जो उसके साथ में रह रहे थे. हालांकि विरोध पर तीन दिन पूर्व दोनों वापस चले गए थे.

नशे की हालत में था आरोपित

आरोपी सिराज शाम कार से घर पर पहुंचा था, जो नशे की हालत में था. घर पहुंचते ही उसकी मैशर से किसी बात को लेकर बहस हो गई, जिसके बाद उसने पास में रखे चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए. मैशर के गले, हाथ और सीने पर चोट के कई निशान मिले हैं. हमले में लहूलुहान मैशर की मौके पर ही मौत हो गई.

बड़ा बेटा भी है सिपाही

शफातुल्लाह का बड़ा बेटा शमीम यूपी 100 में तैनात है, जिसकी ड्यूटी जानकीपुरम थाना क्षेत्र में है. शमीम अपनी पत्नी, बच्चों और सिराज के साथ मकान के प्रथम तल पर रहता है. शमीम के मुताबिक उसकी पत्नी ने फोन कर बताया कि सिराज और मां मैशर में मारपीट हो रही है, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचा था.

पुलिस बुलाकर किया हवाले

शमीम के घर पहुंचने से पहले ही मैशर की मौत हो चुकी थी. सिराज के हाथ में चाकू देखकर शमीम ने फौरन पुलिस को फोन किया. इसके बाद पुलिस ने आरोपित को चाकू समेत पकड़ लिया. सिराज ने बताया कि मैशर उसे अक्सर ताने मारती थी और मकान पर कब्जा करना चाह रही थी. आरोपित करीब डेढ़ माह पूर्व ही सऊदी से लौटकर आया था.

खून से सना चाकू देख कोई हिम्मत नहीं जुटा सका

पुलिस के सामने ही शमीम के मासूम बेटे ने कहा कि 'चाचू ने हत्या कर दी'. हालांकि इससे चंद घंटे पहले वहां का नजारा कुछ और था. शराब के नशे में खून से सना चाकू हाथ में लेकर सिराज काफी देर तक मकान के मेन गेट पर खड़ा था. नशे की हालत में वह लगातार बड़बड़ा रहा था और जोर-जोर से चीख रखा था. उसकी मानसिक हालत देख आस-पास के लोगों की हिम्मत नहीं हो सकी कि तड़प रही मैशर को बचाने के लिए मदद कर सकें.

सब कुछ दे दूंगा मस्जिद में

पत्नी की मौत की खबर मिलते ही सिपाही शफातुल्लाह खान भी मौके पर पहुंच गये. शफातुल्लाह अपने सगे बेटे को कोस रहा था. शफातुल्लाह का बस यहीं कहना था कि जिस मकान और जमीन के लिए बेटे ने पत्नी की हत्या की थी उसे वह मस्जिद को दान कर देगा, लेकिन हत्यारे बेटे को कुछ नहीं देगा.