स्कूल प्रधानाचार्य समेत 4 आरोपियों को सदर क्षेत्र से पकड़ा

सॉल्वर को एसडी सदर परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देते हुए दबोचा

Meerut. उ.प्र. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित नलकूप चालक भर्ती परीक्षा में शनिवार को एसटीएफ ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा में पास कराने का ठेका ले रहे स्कूल पि्रंसिपल समेत 4 को दबोच लिया. वहीं दूसरी ओर एसडी सदर परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहे सॉल्वर को भी पकड़ लिया. एक दर्जन से अधिक ऐसे पीडि़तों के भी स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने बयान दर्ज कराए, जो ठगी का शिकार हुए अथवा जिन्हें गैंग ठगी का शिकार बनाने की फिराक में था.

स्कूल प्रिंसिपल समेत 4 पकड़े

नलकूप चालक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा के बाद ओएमआर शीट भरवाकर भर्ती कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ एसटीएफ ने किया है. एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह के निर्देश पर चलाए गए अभियान में फील्ड यूनिट मेरठ ने मुखबिर की सूचना पर स्कूल प्रिंसिपल समेत 4 को सदर थानाक्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के पास से दबोच लिया गया. सीओ एसटीएफ ब्रजेश कुमार ने बताया कि नलकूप चालक की भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को बहला -फुसलाकर उनसे मोटी रकम लेकर पास कराने का गैंग मेरठ समेत वेस्ट यूपी के जनपदों में काम कर रहा है. इसकी जानकारी के बाद एसटीएफ ने आरोपियों की घेराबंदी शुरू कर दी.

सदर क्षेत्र में धर दबोचा

सीओ एसटीएफ ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में टीम शनिवार को सदर थानाक्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर पहुंची. यहां चौराहे से करीब 200 मीटर दूसरी पर रुककर टीम आरोपियों का इंतजार करने लगी तो कुछ देर बाद एक कार पेट्रोल पंप पर आकर रुकी. जिसमें बैठे 4 लोग कार से उतरकर खड़े हो गए, मुखबिर के इशारे पर एसटीएफ ने चारों को धर दबोचा और सदर थाना ले आई. पकड़े गए आरोपियों में योगेश कुमार गैंग का सरगना है और बिजनौर में एक स्कूल का प्रधानाचार्य है. योगेश ने बताया कि वो मूलरूप से मुजफ्फनगर का निवासी है और कई सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है.

5-5 लाख में हुआ था सौदा

योगेश के पास से 16 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र मिले हैं. पूछताछ में उसने बताया कि हम लोग अलग से एक गैंग बनाकर काम करते हैं. नलकूप चालक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को बहकावे में लेकर परीक्षा के बाद ओएमआर शीट भरवाकर भर्ती कराने के एवज में 5-5 लाख रुपये लिए हैं. योगेश ने बताया कि अंतराज्यीय गिरोह को हरियाणा में विवान और उत्तराखंड (रुद्रपुर) में यतिन उर्फ अन्ना नाम के जालसाजों चला रहे हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को फंसाकर उनसे कहा जाता है कि वे उन्हीं सवालों को करें, जिसके जवाब उन्हें (अभ्यर्थियों को) सौ फीसदी आते हों. शेष ओएमआर शीट को खाली छुड़वा देते हैं. इसमें झांसा दिया जाता है कि ओएमआर शीट को जांच के दौरान पास कर दिया जाएगा. योगेश के अलावा पकड़े गए आरोपी अजय सिंह, सौरभ चौधरी और आनंद कुमार बिजनौर के रहने वाले हैं.

एक सॉल्वर दबोचा

एक लाख रुपये लेकर मूल अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए सॉल्वर को शनिवार नलकूप चालक भर्ती परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने पकड़ा. सीओ ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने एसडी इंटर कॉलेज मेरठ के ग्राम कैली निवासी प्रदीप पुत्र राजपाल को उस समय धर दबोचा, जब वो मूल अभ्यर्थी हैदर अली (रोल नं.-00170350) के स्थान पर परीक्षा दे रहा था. थाना सदर में पूछताछ के दौरान सॉल्वर ने बताया कि उसने मूल अभ्यर्थी हैदर अली से इस काम के एक लाख रुपये लिए थे. वहीं दूसरी ओर एसटीएफ पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर कुछ युवकों से पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में पूछताछ कर रही थी.