- मनमानी फीस वसूलने वाले स्कूल्स पर नहीं कसा जा सका है शिकंजा

- गार्जियंस को हर साल बच्चों की पढ़ाई के लिए ढीली करनी पड़ती है जेब

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GORAKHPUR: आजादी मिले 71 साल हो गए लेकिन आज भी आम जनता को व्यवस्थाओं की मनमानी से छुटकारा नहीं मिल सका है. बात शिक्षा जगत की करें तो कहने को तो इन वर्षो में इस क्षेत्र में भी देश न काफी तरक्की की है लेकिन हकीकत में शिक्षा आम जन के जी का जंजाल बनती जा रही है. मॉडर्न एजुकेशन सिस्टम बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया कराने के नाम पर पैरेंट्स की जेब ढीली करने का जरिया मात्र बनकर रह गया है. प्राइवेट स्कूलों में हर साल फीस के नाम पर होने वाली मनमानी पर अब तक अंकुश नहीं लगाया जा सका है. हाल ये कि हर साल पैरेंट्स को एडमिशन के वक्त 15-20 प्रतिशत अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ता है. इसके अलावा ड्रेस, स्टेशनरी आदि आइटम्स की खरीदारी भी परेशानी बढ़ा देती है. फीस में कमी की हर साल बड़ी-बड़ी बातें और कड़ाई से सख्ती बरतने के बातें तो की जाती हैं, लेकिन इस समस्या से पैरेंट्स को अब भी आजादी नहीं मिल सकी है.

फीस वसूलने के कई बहाने
आज की डेट में हर कोई अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहता है. ताकि उनका लाडला उनके सपनों को पूरा कर सके. इसके लिए दिन रात मेहनत कर पैरेंट्स प्राइवेट स्कूल्स की महंगी फीस जुटाने की जुगत में लगे रहते हैं. किसी तरह लाडले का एडमिशन होने के बाद स्कूल द्वारा हर महीने किए जाने वाले बेतहाशा कार्यक्रमों के लिए मांगे जाने वाले पैसे भी भरते हैं. लेकिन इसके बावजूद प्राइवेट स्कूल्स की मनमानी खत्म नहीं होती. हर साल स्पेशल फीस, ट्यूशन फीस, कंप्यूटर फीस, आईकार्ड फीस, एडमिशन फीस, स्मार्ट क्लास फीस आदि के नाम पर प्राइवेट स्कूल संचालक मोटी कमाई पर तुले हुए हैं.

नहीं होती है कार्रवाई
बता दें, शासन के आदेश पर गोरखपुर में भी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है ताकि मनमानी फीस वसूलने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जा सके. लेकिन इस कमेटी के गठन के बाद भी न तो अभी तक कार्रवाई हुई है और न ही कोई ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि पैरेंट्स आसानी से जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकें. कई बार तो स्कूल प्रबंधन की तरफ से पैरेंट्स को धमकी तक दी जाती है कि वे शिकायत के लिए कहीं जाते हैं तो उनके बच्चे का फ्यूचर खराब कर दिया जाएगा.

इन क्षेत्र के स्कूलों में आती रही है मनमानी वसूली की शिकायत

- आजाद चौक

- रुस्तमपुर

- इंदिरानगर

- गायत्रीनगर

- ताड़ीखाना

- राप्तीनगर

- मैत्रीपुरम

- दिव्य नगर

मनमानी फीस के लिए पैरेंट्स शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जांच के बाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
- बीएन सिंह, बीएसए