-कई बार के वादों के बाद भी जिला अस्पताल में नहीं लगाए गए सीसीटीवी कैमरे

-पुलिस से पीटने पर दर्ज हुई थी एफआईआर

GORKAHPUR: जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर से हुई मारपीट की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. अप्रैल में हुई घटना के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के तमाम इंतजाम करने के दावे किए थे. लेकिन अभी तक कैंपस में न तो सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है और न सीसीटीवी कैमरों का इंतजाम किया गया है. कैंपस में बढ़ती घटनाओं के कारण असुरक्षा की भावना बढ़ रही है, जिसका सीधा प्रभाव मरीजों व तीमारदारों पर पड़ता है.

नहीं बढ़े रहे सुरक्षाकर्मी

जिला अस्पताल में फिलहाल केवल 16 होमगार्ड तैनात हैं. इनमें से इमरजेंसी वार्ड में केवल दो की ही ड्यूटी लगाई जाती है. इसके अलावा ओपीडी, आईपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर सहित अन्य जगहों पर भी इन्हीं सुरक्षाकर्मियों को आवश्यकता अनुसार तैनात किया जाता है. जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से कई बार सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने को लेकर पत्र भेजा जा चुका है. लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हाे सकी है.

टूटे हैं सीसीटीवी कैमरे

अप्रैल में हुए पुलिसकर्मियों से विवाद के बाद इमरजेंसी वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात की गई थी. लेकिन अभी तक कैमरे नहीं लग सके हैं. इमरजेंसी वार्ड के हॉल में घूसते ही एक सीसीटीवी कैमरा दिखाई तो देता है, लेकिन वह टूट कर लटका है. एसआईसी ने बताया कि कैमरे लगाने का प्रस्ताव पहले से ही भेजा जा चुका है, कंपनी से बात कर जल्द ही कैमरे लगवाने का प्रयास किया जाएगा.

वर्जन

इमरजेंसी वार्ड में कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी. सीसीटीवी कैमरों का प्रस्ताव पहले से ही भेजा गया था. अब प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी.

डॉ. राजकुमार गुप्ता, एसआईसी जिला अस्पताल