- मंडे को प्रशासन की टीम ने झलिया गांव पहुंचकर लिया जायजा

- प्रभावित परिवारों ने दुर्गा मंदिर और पंचायत घर में ली शरण

DEWAL: चमोली जिले के झलिया गांव में मंडे को भी पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा. गांव के दस मकान मिट्टी और पत्थरों से पट गए हैं, जबकि दो मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए. प्रभावित परिवारों ने दुर्गा मंदिर और पंचायत घर में शरण ली हुई है. मंडे को प्रशासन की टीम ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया.

खेतों में भरा मलबा, फसल चौपट

सैटरडे की रात करीब दस बजे झलिया गांव के पास पहाड़ी दरकने के साथ मलबा गिरने लगा. दहशतजदा ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागे. संडे को ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी. इसके बाद नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह के नेतृत्व में एक दल गांव के लिए रवाना हुआ. नायब तहसीलदार के अनुसार गांव को जाने वाला मार्ग मलबे से पट चुका है. इसलिए टीम को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ा, जो कि लंबा है. उन्होंने बताया कि इससे 12 परिवार प्रभावित हुए हैं. इन परिवारों ने पंचायत घर और दुर्गा देवी मंदिर में शरण ली हुई है. उन्होंने बताया कि खेतों में मलबा भरने से गेहूं और आलू की फसल भी बर्बाद हो गई है. इसके अलावा मवेशी भी मलबे में दबे हैं. थराली के तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि राजस्व दल के लौटने के बाद ही नुकसान का पता चल पाएगा.